नई दिल्ली: कांग्रेस ने सरकार पर राफेल सौदे को लेकर देश को गुमराह करने का आरोप लगाया है. साथ ही कहा कि 2008 में इस लड़ाकू विमान के संदर्भ में भारत और फ्रांस के बीच हुए समझौते में ऐसा कोई प्रावधान नहीं था जिस वजह से इस सौदे की कीमत का खुलासा नहीं किया जा सकता. पूर्व रक्षा मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एके एंटनी ने संसद भवन में पत्रकारों से कहा कि समझौते पर गोपनीयता संबंधी प्रावधान का सरकार का दावा पूरी तरह गलत है.
एंटनी ने कहा कि सरकार को प्रत्येक विमान की कीमत का खुलासा करना होगा. सरकार विमान की कीमत बताने से इनकार नहीं कर सकती क्योंकि इस सौदे की कैग और संसद की लोक लेखा समिति (पीएसी) द्वारा समीक्षा की जाएगी. पार्टी के वरिष्ठ नेता आनंद शर्मा ने कहा कि संसद को यह बताना सरकार का कर्तव्य है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने विमान की कीमत के मुद्दे पर देश को गुमराह क्यों किया.
शर्मा ने कहा, फ्रांस की सरकार को राफेल विमान की कीमत बताए जाने में कोई आपत्ति नहीं है. फ्रांस के राष्ट्रपति ने राहुल गांधी को इस बात से अवगत कराया था. कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने भी आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री ने इस मुद्दे पर संसद को गुमराह किया और यह विशेषाधिकार हनन का मामला बनता है.