Mundka Fire Case: AAP का BJP पर हमला, कहा- MCD केंद्र के अधीन, गृहमंत्री करें दोषियों पर कार्रवाई
AAP MLA Attack On BJP: इन तीनों पर भी गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज होना चाहिए. चूंकि MCD अब सीधे-सीधे केंद्र के अधीन है, ऐसे में हम केंद्र और गृहमंत्री से यह अपील कर रहे हैं कि इनपर कार्रवाई करें.

AAP MLA Attack On BJP: कुछ दिन पहले मुंडका में गैर कानूनी रूप से बनी बिल्डिंग में आग लगी (Mundka Building Fire), जिसमें बुरी तरह से जलकर 27 लोगों की मौत हो गई. 3 दिन से BJP के नेता शोर मचाकर कोशिश कर रहे थे कि दिल्ली सरकार (Delhi Government) पर इसकी जिम्मेदारी डाली जाए. जिस बिल्डिंग में आग लगी वो मेन रोड पर है और यह एक्सटेंडेड लाल डोरा में आती है. ऐसा है नहीं कि BJP या MCD को इसकी खबर न हो, स्पष्ट है कि इसमें रिश्वत खाई गई.
साल 2015 के विधानसभा चुनाव में मुंडका के BJP के प्रत्याशी आजाद सिंह जो साहिब सिंह वर्मा के छोटे भाई और प्रवेश वर्मा के चाचा हैं, उनका चुनाव कार्यालय उसी बिल्डिंग में था. उस बिल्डिंग के मालिक आजाद सिंह की गाड़ी में घूम रहे थे. मैं चाहूंगा कि आदेश गुप्ता इन सब बातों को झुठलाएं. 2016 में नरेला जोन के असिस्टेंट कमिश्नर ने उसकी NOC दी थी. आदेश गुप्ता ने कहा कि उस बिल्डिंग में वाइन शॉप थी, जिसके लिए एक्साइज डिपार्टमेंट ने अनुमति दी. मैं उन्हें कहना चाहूंगा कि एक्साइज डिपार्टमेंट को इसके लिए NOC एमसीडी ने ही दी थी. जबकि उस बिल्डिंग का न नक्शा था न लाइसेंस फिर भी कमर्शियल ऑथोराइजेशन दे दिया.
साल 2017 में MCD ने कैंसिल किया था लाइसेंस
इसके पहले साल 2017 में शिकायत पर एमसीडी ने लाइसेंस कैंसिल कर दिया. फिर 2019 में सुप्रीम कोर्ट की मॉनिटरिंग कमेटी ने बिल्डिंग को सील कर दिया. सवाल यह है कि सीलिंग के बावजूद उस बिल्डिंग में कमर्शियल गतिविधि कैसे चल रही थी. जब से यह बिल्डिंग बननी शुरू हुई तब से अब तक BJP के 3 प्रदेश अध्यक्ष रहे हैं, सतीश उपाध्याय, मनोज तिवारी और आदेश गुप्ता थे लेकिन किसी ने आवाज नहीं उठाई.
गृहमंत्री करें दोषियों पर कार्रवाई
इस बिल्डिंग को लेकर जब जब हमने सवाल किया, सतीश उपाध्याय, मनोज तिवारी, आदेश गुप्ता इनके बचाव में आए. इसका मतलब है कि ये तीनों भी इस मामले में बराबर के साझीदार हैं, ऐसे में इन तीनों पर भी गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज होना चाहिए. चूंकि एमसीडी अब सीधे-सीधे केंद्र के अधीन है, ऐसे में हम केंद्र और गृहमंत्री से यह अपील कर रहे हैं कि इनपर कार्रवाई करें
SDM की कार्रवाई पर उठ रहे सवाल
आज जब SDM की कार्रवाई हो रही है और हम सवाल उठा रहे हैं, तो नॉर्थ एमसीडी ने 4 अधिकारियों को सस्पेंड किया है. इंस्पेक्टर सबसे निचले स्तर के अधिकारी होते हैं, मेयर और आदेश गुप्ता पर कोई कार्रवाई नहीं हुई. आज दिल्ली सरकार ने एमसीडी से पूरी लिस्ट मांगी है कि एक अप्रैल से लेकर अब तक की गई कार्रवाई की लिस्ट दें, DDA और MCD केंद्र के अधीन है, ऐसे में ये लोग ऐसी कार्रवाई कर रहे हैं.
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