Maharashtra Politics: 'तैयार रहें, महाराष्ट्र में जल्द होंगे मध्यावधि चुनाव', केंद्रीय मंत्री राव साहेब दानवे की भविष्यवाणी
Maharashtra Politics:बीजेपी नेता और केंद्रीय मंत्री राव साहेब दानवे ने भविष्यवाणी की है, महाराष्ट्र में जल्द मध्यावधि चुनाव होंगे, इसके लिए तैयार रहें. उसके बाद संजय राउत ने भी वही बात दोहराई.
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Maharashtra Politics: केंद्रीय मंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता रावसाहेब दानवे ने भविष्यवाणी की और कहा कि, महाराष्ट्र में जल्द ही मध्यावधि चुनाव होगे. उन्होंने कार्यकर्ताओं को इसकी तैयारी में जुट जाने को कहा. केंद्रीय रेल राज्यमंत्री ने ये बयान औरंगाबाद के एक कार्यक्रम के दौरान दिया है. उनके इस बयान के बाद शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट के नेता संजय राउत ने भी मंगलवार को दिल्ली में कहा कि, तैयार रहें, शिंदे-फडनवीस सरकार 100% दो महीनो में गिर जाएगी.
महा विकास आघाड़ी (एमवीए) सरकार के बीच कार्यकाल में ही गिरने की अटकलों का संदर्भ देते हुए दानवे ने कहा कि ‘‘ऐसी राजनीति चलती रही’’ तो कोई नहीं जानता कि अगले दो महीने बाद क्या होगा.
दानवे का बड़ा बयान-अगले दो महीनों में क्या होगा, कौन जानता है
औरंगाबाद जिले के कन्नड़ शहर में सोमवार की रात एक सभा को संबोधित करते हुए, बीजेपी नेता दानवे ने 2019 के विधानसभा चुनावों के परिणाम के बाद उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना के बदले हुए राजनीतिक रुख के बारे में भी बात की. दानवे ने कहा, ‘‘किसी ने नहीं सोचा था कि सत्ता में ढाई साल पूरे करने वाली एमवीए सरकार गिर जाएगी. लेकिन ऐसा जादू हुआ कि सरकार एक एक ही रात में गिर गई. अगर ऐसी राजनीति चल रही है तो कौन अनुमान लगा सकता है कि अगले दो महीने में क्या होगा.’’
दानवे ने याद दिलाई पुरानी बातें
उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली एमवीए सरकार इस साल जून में एकनाथ शिंदे और शिवसेना के 39 विधायकों द्वारा ठाकरे के नेतृत्व के खिलाफ बगावत करने के बाद गिर गई. एमवीए सरकार में शिवसेना के अलावा राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) और कांग्रेस शामिल थी.
दानवे ने कहा कि जब 2019 के विधानसभा चुनाव के नतीजे आए, तो शिवसेना को एहसास हुआ कि उसके बिना अगली सरकार नहीं बन सकती. बीजेपी नेता ने आगे कहा कि, ‘‘उन्होंने (शिवसेना नेताओं ने) कहा कि पार्टी के लिए सभी विकल्प खुले हैं और उन्होंने अपनी पुरानी सहयोगी भाजपा से नाता तोड़ लिया.’’ बता दें कि मुख्यमंत्री पद को लेकर भाजपा से नाता तोड़ने के बाद शिवसेना ने राकांपा और कांग्रेस से हाथ मिला लिया और उद्धव ठाकरे मुख्यमंत्री बने.
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