अगर मैंने कश्मीर जाने का नाम लिया तो हैदराबाद हवाई अड्डे पर ही धर लिया जाऊंगा- ओवैसी
ओवैसी ने कहा कि अनुच्छेद 370 हटे 5-6 महीने हो चुके हैं, लेकिन अभी भी इंटरनेट सेवा बाधित है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बड़ी-बड़ी बातें की है, और कहा है कि वहां विकास होगा, जैसे कि पहले कश्मीर में कुछ नहीं हो रहा था.
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हैदराबाद: विदेशी राजदूतों की हालिया जम्मू-कश्मीर यात्रा को लेकर नरेन्द्र मोदी सरकार की आलोचना करते हुए एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि अगर उन्होंने कश्मीर जाने का नाम भी लिया तो उन्हें हैदराबाद हवाई अड्डे पर ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा.
कश्मीर से अनुच्छेद 370 समाप्त करने के केन्द्र के फैसले की आलोचना करते हुए हैदराबाद के सांसद ने कहा कि तभी से (पांच अगस्त से) कश्मीर में इंटरनेट सेवा नहीं है.
तेलंगाना में होने वाले शहरी निकाय चुनावों के मद्देनजर नारायणपेट जिले में शनिवार को एक रैली में ओवौसी ने कहा कि अनुच्छेद 370 के ज्यादातर प्रावधानों को समाप्त करना केन्द्र की दूसरी सबसे बड़ी गलती है. उसकी पहली गलती जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री शेख अब्दुल्ला की गिरफ्तारी थी.
ओवैसी ने कहा, ‘‘मोदी सरकार विदेशी राजदूतों को कश्मीर लेकर गई और कश्मीर की शांति उन्हें दिखाई. लेकिन, अगर मैं कह दूं कि मुझे कश्मीर जाना है कि सीआईएसएफ वाले मुझे हैदराबाद हवाई अड्डे पर ही गिरफ्तार कर लेंगे. मैंने भारतीय संविधान की शपथ ली है, लेकिन मैं वहां नहीं जा सकता, पर अमेरिका और अन्य देशों के विदेशी राजदूत वहां जा सकते हैं.’’
बता दें कि जम्मू कश्मीर से धारा 370 हटाए जाने के बाद बने हालातों का जायजा लेने विदेशी राजनयिकों का दल जम्मू कश्मीर के दौरे पर गया था जहां उन्होंने विभिन्न संगठनों से मुलाकात की. इन सभी संगठनों ने राज्य से धारा 370 को हटाए जाने के फैसले का स्वागत किया और आशा जताई कि जम्मू कश्मीर को जल्द ही राज्य का दर्जा वापस मिल जाएगा.
इन सभी राजनीतिक और सामाजिक संगठनों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जम्मू कश्मीर से धारा 370 को हटाने के फैसले का स्वागत किया और इस फैसले को अच्छा और विकास की दिशा में उठाया गया ज़रूरी कदम बताया.
ये प्रतिनिधिमंडल कश्मीर के दो दिनों के दौरे पर था और इसमें अमेरिका, बांग्लादेश, वियतनाम, नार्वे, साउथ कोरिया, अर्जेंटिना, मालदीव समेत कुल 17 देशों के उच्चायुक्त और राजदूत शामिल थे.
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