Chandrababu Naidu on Andhra Pradesh Economy: आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने मंगलवार (11 फरवरी, 2025) को अन्न कैरेट के सहयोगी मंत्रियों और सचिवों के साथ राज्य सचिवालय में बैठक की और फाइलों के त्वरित निपटान का आह्वान किया. मुख्यमंत्री उनके सामने अपना विजन रखा. वहीं उन्हें अल्पकालिक लाभ और दीर्घकालिक लक्ष्य भी दिए. उन्होंने 2047 तक आंध्र प्रदेश को लेकर लक्ष्य भी तय किया है.
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने मंत्रियों और सचिवों के सम्मेलन में सुशासन, रणनीतिक योजना और विभागीय समन्वय पर जोर देते हुए 2047 तक स्वर्ण आंध्र के लक्ष्य को हासिल करने के लिए समर्पित प्रयासों की जरूरत बताई. सीएम नायडू ने विभागीय एकीकरण और समन्वय की आवश्यकता पर बल देते हुए प्रशासनिक पुनर्गठन की जरूरत बताई. उन्होंने खुलासा किया कि पिछली सरकार के दौरान करीब 90 केंद्र प्रायोजित योजनाएं फंड के दुरुपयोग और कुप्रबंधन के कारण ठप हो गई थीं, जिसे अब सुधारा जा रहा है.
स्वर्ण आंध्र 2047: दीर्घकालिक दृष्टिकोण
सीएम नायडू ने स्वर्ण आंध्र 2047 का रोडमैप पेश किया, जो विकसित भारत की राष्ट्रीय दृष्टि के अनुरूप है. उन्होंने 15 फीसदी विकास दर सुनिश्चित करने और वित्तीय अनुशासन को मजबूत करने पर जोर दिया. उन्होंने बताया कि कर्मयोगी पहल के तहत सरकारी अधिकारियों की क्षमता निर्माण और प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं. सीएम नायडू ने अधिकारियों को केंद्र सरकार की नई बजट योजनाओं का लाभ उठाने और फर्स्ट मूवर एडवांटेज हासिल करने के लिए सक्रिय प्रयास करने को कहा.
AI और इंफ्रास्ट्रक्चर पर विशेष ध्यान
सीएम ने सूचना प्रौद्योगिकी (IT) को 1995 में अपनाने के प्रभावों की याद दिलाते हुए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के महत्व को रेखांकित किया. उन्होंने प्रशासन में AI को एक नए परिवर्तनकारी उपकरण के रूप में अपनाने का सुझाव दिया. इसके अलावा, उन्होंने हर घर तक पीने योग्य जल पहुंचाने और बुनियादी ढांचे की प्रमुख कमियों को दूर करने की आवश्यकता बताई.
आर्थिक और बजट संबंधी लक्ष्य
- मुख्यमंत्री ने 2047 तक आंध्र प्रदेश को आर्थिक महाशक्ति बनाने के लिए कुछ प्रमुख लक्ष्य निर्धारित किए, जो कुछ इस प्रकार हैं…
- प्रति व्यक्ति आय 42,000 अमेरिकी डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य.
- 2047 तक आंध्र प्रदेश को 2.4 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की योजना.
2025-26 के बजट को नवाचार और विकास केंद्रित बनाने पर जोर.
उन्होंने भारतीय राजनीति में आ रहे बदलावों पर चर्चा करते हुए कहा कि जनता अब झूठे वादों को नहीं बल्कि प्रदर्शन आधारित नेतृत्व को तरजीह दे रही है और सभी अधिकारियों से आंध्र प्रदेश को समृद्ध और विकसित राज्य बनाने के मिशन में जुटने का आह्वान किया.
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