एक्सप्लोरर

Delhi Elections 2020: दिल्ली की हवा नहीं, केजरीवाल बदल गए हैं

दो बार दिल्ली के सीएम बने अरविंद केजरीवाल को पूरी उम्मीद है कि इस बार भी दिल्ली में उनकी सरकार बनेगी. दिल्ली में आठ फरवरी को विधानसभा चुनाव के लिए मतदान किया जाएगा और 11 फरवरी को चुनाव के नतीजे सामने आएंगे.

नई दिल्ली: अरविंद केजरीवाल राजनीति में एक खास किस्म के ब्रांड बन गए हैं. लेकिन हर चुनाव से पहले उनकी ब्रांड इमेज बदल जाती है. कभी मफलर बांध विरोधियों से दो-दो हाथ करने वाले तो कभी घर घर जाकर माफी मांगने वाले और इस बार वे एक कर्मवीर नेता के रूप में अवतरित हुए हैं. एक बार फिर से इस ब्रांड का दिल्ली के वोट बाजार में इम्तिहान है. छह सालों में केजरीवाल ने पॉलिटिक्स में मार्केटिंग की एक नई रणनीति बना ली है. ब्यूरोक्रेसी से निकले. भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन किया.

दिन रात सियासत को कोसने वाले केजरीवाल खुद नेता बने. जो साथ थे, उनमें से कुछ छोड़ गए, कुछ को उन्होंने खुद छोड़ दिया. चुनाव लड़ कर दिल्ली के सीएम बने. शपथ लेते ही मंत्रियों संग मंच पर गीत गाए. फिर तीन महीने बाद इस्तीफा देना पड़ा. नरेंद्र मोदी के खिलाफ चुनाव लड़े, हारे. साल भर भटकते रहे. दिल्ली में विक्टिमहुड कार्ड खेला दुबारा सीएम बने. पीएम मोदी से सींग लड़ाते रहे. फिर अचानक वे बदल गए. अब मोदी पर मौन रहते हैं. फ्री बिजली पानी के नाम पर केजरीवाल वोट मांग रहे हैं.

अन्ना आंदोलन से लाइम लाइट में आए

अरविंद केजरीवाल को लोगों ने तब जाना, जब वे अन्ना हज़ारे के साथ आए. भ्रष्टाचार के खिलाफ दिल्ली में आंदोलन किया. अनशन हुआ. भूख हड़ताल हुई. ये सब केजरीवाल ने इंडिया अगेन्स्ट करप्शन के बैनर तले किया. उन दिनों जाने माने वकील शांति भूषण, उनके बेटे प्रशांत भूषण, सुप्रीम कोर्ट के जज संतोष हेगड़े, किरण बेदी, स्वामी अग्निवेश, बाबा रामदेव, वी के सिंह, मेधा पाटकर, संजय सिंह, शाजिया इल्मी सब साथ थे. भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन को देश भर में समर्थन मिला. मनमोहन सिंह वाली यूपीए सरकार के खिलाफ माहौल बनने लगा. अन्ना हज़ारे ने पहले तिहाड़ जेल से और फिर रामलीला मैदान से ही भूख हड़ताल शुरू कर दी. मनमोहन सरकार को झुकना पड़ा. जन लोकपाल कानून बनाने का वादा हुआ. ये बातें अगस्त 2011 की हैं. इस दौरान मतभेद के चलते बाबा रामदेव और स्वामी अग्निवेश नेकेजरीवाल का साथ छोड़ दिया.

2012 में बनाई आम आदमी पार्टी

आंदोलन के दौरान कहा जाता रहा कि राजनीति से हमारा कोई लेना देना नहीं है. लेकिन अरविंद केजरीवाल के मन में कुछ और चल रहा था. 26 नवंबर 2012 को एक नई पार्टी बना दी गई. नाम रखा गया आम आदमी पार्टी. केजरीवाल इसके संयोजक बन गए. अन्ना हज़ारे इस फैसले के सख्त खिलाफ थे. केजरीवाल नहीं माने. तो उनके गुरू अन्ना ने उनसे मुक्ति पा ली. किरण बेदी और संतोष हेगड़े भी साथ छोड़ गए. लेकिन केजरीवाल को नए साथी मिल गए. पत्रकार आशुतोष, कपिल मिश्र, अलका लांबा कई नाम उनके साथ जुड़ते गए.

नरेंद्र मोदी के खिलाफ लड़ा था चुनाव

दिसंबर 2013 में दिल्ली में चुनाव हुए. आम आदमी पार्टी को 28, बीजेपी के 31 और कांग्रेस को 8 सीटें मिलीं. कांग्रेस के समर्थन से अरविंद केजरीवाल मुख्यमंत्री बन गए. लेकिन ये सरकार बस 49 दिनों तक ही चल पाई. दिल्ली में राष्ट्रपति शासन लागू हो गया. फिर केजरीवाल वाराणसी पहुंच गए नरेंद्र मोदी से चुनाव लड़ने. वे चुनाव हारे. उनकी पार्टी लोकसभा की 434 सीटों पर लड़ी. लेकिन जीत नसीब हुई सिर्फ 4 पर. सब पंजाब से. इनमें से भी दो को केजरीवाल ने बाद में सस्पेंड कर दिया. इसी बीच शाजिया इल्मी भी पार्टी छोड़ कर बीजेपी चली गईं.

70 में से 67 सीट हासिल कर सबको चौंकाया

फरवरी 2015 में फिर से दिल्ली में चुनाव हुए. अरविंद केजरीवाल ने घर घर जाकर माफ़ी मांगी. चुनावी नतीजे से सब हैरान रह गए. 70 में से 67 पर तो आम आदमी पार्टी जीत गई. कांग्रेस का खाता तक नहीं खुला. 14 फरवरी 2014 को केजरीवाल ने इस्तीफा दिया था. 14 फरवरी 2015 को केजरीवाल ने दूसरी बार सीएम पद की शपथ ली. प्रचंड बहुमत के बाद वे फुल फार्म में आ गए. उन पर तानाशाही करने के आरोप लगे. प्रशांत भूषण और योगेन्द्र यादव पार्टी से बाहर कर दिए गए. पार्टी में लोकतंत्र का गला घोंटने का आरोप लगा कर कई नेता केजरीवाल का साथ छोड़ते रहे. कुमारविश्वास के साथ भी नहीं बनी. केजरीवाल ने सर्जिकल स्ट्राइक के सबूत मांगे तो कुमार से और ठन गई. 2018 में राज्य सभा के टिकट पर दोनों में लड़ाई आर पार की हो गई. केजरीवाल से कुमार का विश्वास टूटा तो आशुतोष भी साथ नहीं रहे. कुछ दिनों बाद आशीष खेतान भी अलग हो गए.

बिजली पानी फ्री देकर जीता दिल्ली वालों का दिल

जब नजीब जंग दिल्ली के उप राज्यपाल थे. अरविंद केजरीवाल से कभी बनी नहीं. हर बात पर तकरार. ब्यूरोक्रेसी से भी लड़ते रहे. IAS अफसर से मारपीट के आरोप तक लगे. लेकिन फिर केजरीवाल ने लड़ते रहने की आदत से तौबा कर ली. बोल वचन बदल लिया.दिल्ली वालों को बिजली पानी फ्री देने के अभियान में जुट गए. नरेंद्र मोदी पर अब वे सीधे-सीधे कुछ नहीं बोलते हैं. बिना बात के किसी के झगड़े में नहीं कूदते हैं. लड़ाका और पीड़ित वाली छवि से निकल कर अब वे काम के नाम पर वोट मांग रहे हैं. अब वे परफॉर्मर कहलाना पसंद करते हैं. हिंदुस्तान- पाकिस्तान और हिंदू-मुसलमान की राजनीति से दूर भागते हैं. कांग्रेस और बीजेपी ने बहुत उकसाया, लेकिन वे शाहीन बाग से दूर रहे. केजरीवाल इस बार अपने एजेंडे पर चुनाव चाहते हैं. अब तक वे कामयाब रहे हैं. लेकिन ये दिल्ली है जी. कब किस बात पर हवा बदल जाए. हवा टाइट करने के लिए प्रशांत किशोर भी बुला लिए गए हैं.

ये भी पढ़ें

दिल्ली में CAA पर सियासत गर्म: BJP ने कहा- प्रदर्शन के पीछे केजरीवाल-कांग्रेस, शाहीन बाग को बताया ‘शर्म बाग’ धर्मनिरपेक्षता पर चिंताओं का समाधान नहीं हुआ तो BJP में बने रहने पर सोचूंगा- चंद्र बोस
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

'स्पीकर के खिलाफ प्रस्ताव लाए तो हमसे नहीं पूछा..', AIMIM चीफ ओवैसी ने कांग्रेस पर निकाली भड़ास
'स्पीकर के खिलाफ प्रस्ताव लाए तो हमसे नहीं पूछा..', AIMIM चीफ ओवैसी ने कांग्रेस पर निकाली भड़ास
असम में फखरुद्दीन अली अहमद मेडिकल कॉलेज का नाम बदला, हिमंत बिस्वा सरमा पर भड़की कांग्रेस, कहा- मुसलमानों से नफरत...
असम में फखरुद्दीन अली अहमद मेडिकल कॉलेज का नाम बदला, CM हिमंत बिस्वा पर भड़की कांग्रेस
'DMK अपने भ्रष्टाचार मॉडल के लिए बदनाम', तमिलनाडु में PM मोदी का स्टालिन पर अटैक!
'DMK अपने भ्रष्टाचार मॉडल के लिए बदनाम', तमिलनाडु में PM मोदी का स्टालिन पर अटैक!
'अविश्वास प्रस्ताव राहुल गांधी पर नहीं था', अमित शाह के भाषण पर भड़कीं प्रियंका गांधी
'अविश्वास प्रस्ताव राहुल गांधी पर नहीं था', अमित शाह के भाषण पर भड़कीं प्रियंका गांधी

वीडियोज

Bollywood News: विवाद के बावजूद Sitaare Zameen Par को लेकर दर्शकों में उत्सुकता और चर्चा लगातार बनी हुई है (11-03-2026)
Mahadev & Sons: धीरज ने उठाई विद्या के लिए आवाज, क्या बाप-बेटे का रिश्ता हो जायेगा ख़तम?
Tesla Model Y vs Mercedes-Benz CLA electric range and power comparison | Auto Live #tesla #mercedes
Strait of Hormuz ही ईरान का सबसे बड़ा हथियार..चल दिया दांव! | US Israel Iran War | Khamenei
AI Impact Summit Congress protests: Rahul के बयान पर संबित का पलटवार | BJP MP

फोटो गैलरी

Petrol Price Today
₹ 94.77 / litre
New Delhi
Diesel Price Today
₹ 87.67 / litre
New Delhi

Source: IOCL

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
भारत आ रहे जहाज को ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में उड़ाया, MEA का आया रिएक्शन, जानें क्या कहा?
भारत आ रहे जहाज को ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में उड़ाया, MEA का आया रिएक्शन, जानें क्या कहा?
सिलेंडर की डिलीवरी के समय OTP देना अनिवार्य, रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर होगा रिसीव
सिलेंडर की डिलीवरी के समय OTP देना अनिवार्य, रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर होगा रिसीव
लोकसभा स्पीकर के बाद अब CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ संसद में प्रस्ताव, आजादी के बाद पहली बार होगा ऐसा
स्पीकर के बाद अब CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ संसद में प्रस्ताव, आजादी के बाद पहली बार होगा ऐसा
IPL 2026 के शेड्यूल पर नई मुसीबत आई सामने, सीजन के पहले RCB vs SRH मैच पर मचा बवाल
IPL 2026 के शेड्यूल पर नई मुसीबत आई सामने, सीजन के पहले RCB vs SRH मैच पर मचा बवाल
भारतीय क्रिकेटर ने छुपाए रखा सबसे बड़ा दर्द, बताया टी20 वर्ल्ड कप से पहले ही पापा चल बसे
भारतीय क्रिकेटर ने छुपाए रखा सबसे बड़ा दर्द, बताया टी20 वर्ल्ड कप से पहले ही पापा चल बसे
'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में माइंस बिछाने वाले शिप तबाह', दुनिया में तेल संकट के बीच डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा दावा
'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में माइंस बिछाने वाले शिप तबाह', दुनिया में तेल संकट के बीच ट्रंप का बड़ा दावा
महाकुंभ की वायरल गर्ल मोनालिसा ने की शादी, देश के इस मशहूर मंदिर में खाई साथ जीने मरने की कसम, वीडियो वायरल
महाकुंभ की वायरल गर्ल मोनालिसा ने की शादी, देश के इस मशहूर मंदिर में खाई साथ जीने मरने की कसम
Lalitpur Zari Silk Saree: कारीगरी ऐसी कि देखते रह जाएं, जानें कैसे ललितपुर के करघों पर कैसे उतरती है रेशमी खूबसूरती?
कारीगरी ऐसी कि देखते रह जाएं, जानें कैसे ललितपुर के करघों पर कैसे उतरती है रेशमी खूबसूरती?
Embed widget