Indian Railways: ट्रेन एक्सीडेंट रोकने के लिए रेलवे ट्रैक पर लगाया जाएगा ये सिस्टम, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का बड़ा ऐलान
रेलवे ट्रैक की सुरक्षा के लिए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बड़ी घोषणा की है. उन्होंने कहा कि अब हर रेलवे जोन में इंटीग्रेटेड ट्रैक मॉनिटरिंग सिस्टम ( ITMS) वाली मशीनें तैनात की जाएंगी.
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Indian Railways: रेलवे ने ट्रैक मैन के काम को आसान करने के लिए और रेलवे ट्रैक सुरक्षा के लिए एक नया प्रयोग किया है. इसके तहत एक एसयूवी मोटर कार को मॉडिफाई करके उसे रेलवे ट्रैक पर चलने और ट्रैक की मौजूदा स्थिति को रिकॉर्ड करने के लिए इक्विप्ड किया गया है. इसे रेल पथ सुरक्षा यान का नाम दिया गया है. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने देश के पहले रेल ट्रैक सुरक्षा वाहन को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर, रेलवे ट्रैक मैन के लिए लोकार्पित किया. रेल मंत्री ने इस स्पेशल रेल सुरक्षा वाहन का निरीक्षण कर इसकी खासियत को भी जाना.
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि रेलवे का ट्रैक सिस्टम काफ़ी कॉम्प्लेक्स सिस्टम होता है. अगर इसके सभी पैरामीटर को एक्यूरेसी के साथ मापा जाए तो ट्रेन की सुरक्षा काफ़ी बढ़ जाती है. इसीलिए ट्रैक मेंटेनेंस का एक प्रोटोकॉल होता है. इस प्रोटोकॉल का पालन करने के लिए हम इस रेल सुरक्षा वाहन के रूप में नई तकनीकी परंपरा की शुरुआत कर रहे हैं.
पटरियों का भी होगा हेल्थ चेकअप
इस वाहन के नीचे LADAR मशीन लगी हुई है और है रेजोल्यूशन कैमरे भी लगे हुए हैं. इसके अलावा इसमें लीनियर स्कैनिंग के इक्विपमेंट भी लगे हुए हैं. इससे ट्रैक की मिसिंग क्लिप का पता चल जाता है, दो स्लीपर के बीच कम या ज़्यादा हों तो उसका भी पता चल जाता है. ट्रैक के बीच में गैप अगर कम या ज्यादा हो तो उसका भी पता चल जाता है. इसके साथ ही अगर पटरियों पर या उसके आस पास कोई रुकावट हो तो उसका भी पता इस सिस्टम से चल जाता है.
पहले 4 महीने में एक बार पूरा होता था सुरक्षा प्रोटोकॉल
अभी तक ट्रैक मेंटेनेंस का प्रोटोकॉल चार महीने में एक बार पूरा किया जाता था, लेकिन इन विश्व स्तरीय मशीनों के आ जाने से इसे और कम समय में दोहराया जाएगा. अभी तक ऐसी तीन मशीन बनाई गई हैं, लेकिन तीन साल से चल रहे इसके पायलट प्रोजेक्ट की सफलता के बाद इसे रेलवे के सभी ज़ोन को उपलब्ध कराने का फैसला किया गया है.
ट्रैक कर्मियों के जीवन में आएगा सुधार
इस रोड कम रेल व्हीकल की मदद से रेलवे के ट्रैक मैन, गैंग मैन, की मैन के काम करने के नियम बड़े पैमाने पर बदलेगी और उनके जीवन में बहुत बड़ा सुधार आएगा. अगले पांच सालों में ये ट्रैक इंस्पेक्शन और मेंटेनेंस के क्षेत्र में एक बड़ी कामयाबी बनकर उभरेगा.
रोड कम रेल इंस्पेक्शन वाहन की कुल लम्बाई 5.41 मीटर है, इंस्पेक्शन केबिन की लम्बाई 1 मीटर से ज़्यादा है, इस स्पेशल वाहन में 3 कैमरा लगा है जिसमे 15 दिन की रेकॉर्डिंग की जा सकती है फ्रंट और रेयर में आइरन व्हील यानी लोहे के पहिये लगाए गए हैं जो इसे ट्रैक पर रफ़्तार देंगे इस स्पेशल वाहन को टाटा यौद्धा को रिडिजाइन करके तैयार किया गया है.
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