नई दिल्ली: देश में किसानों की हालत देश में कैसी है ये किसी से छुपा नहीं है. कर्ज के बोझ तले दबा किसान अभी भी आत्महत्या करने के लिए मजबूर हो रहा है. उम्मीद की जा रही है कि इस बार बजट में सबसे ज्यादा जोर किसानों पर रहेगा.

किसानों को क्या-क्या सौगात मिल सकती हैं?

उम्मीद की जा रही है कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत ज्यादा रकम का प्रावधान होगा. सस्ते कर्ज के लिए ज्यादा सब्सिडी का भी ऐलान हो सकता है और मध्य प्रदेश और हरियाणा की तर्ज पर न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम कीमत मिलने की स्थिति में किसानों को मदद की सौगात मिल सकती है.

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इसके अलावा सरकार अन्नदाता योजना को 10 हजार से 15 हजार करोड़ का बजट दिया जा सकता है.  योजना के तहत सभी 23 फसलों की खरीद और भंडारण करने को कहा जाएगा. अभी 2-3 फसलों को छोड़ सरकार ज्यादातर फसलों की खरीद और भंडारण नहीं करती.

किसान मशीनरी केंद्र की स्थापना का हो सकता है एलान

बजट में किसान मशीनरी केंद्र की स्थापना का एलान हो सकता है, जहां सस्ते दर पर खेती के उपकरण किराए पर लिए जा सकते हैं. देश भर के एक हजार ग्रामीण क्षेत्रों में हाट और ऑर्गेनिक हब बनाए जाने की घोषणा हो सकती है. इसके अलावा हर परिवार को छत के तहत मिलने वाली राशि बढ़ायी जा सकती है, जिससे 2022 तक का लक्ष्य पूरा हो सके.

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बजट में किसानों के लिए जो बड़ीं बातें निकलकर सामने आ रही हैं उसके मुताबिक-

  • फसल खराब होने की सूरत में ज्यादा मुआवजा मिल सकता है.

  • खेती के लिए कर्ज और ज्यादा सस्ता हो सकता है.

  • करीब-करीब सभी फसलों की खरीद सरकार कर सकती है.

  • खराब होने वाली फसलों के भंडारण की व्यवस्था अच्छी हो सकती है.

  • हर किसान को पक्के मकान के लिए और ज्यादा पैसे मिल सकते हैं.


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यह भी जानें-

देश में किसान की औसत कमाई 6426 रूपए प्रति महीना है. घर चलाने के लिए एक किसान को हर महीने 6223 रूपए खर्च करने पड़ते हैं. देश के 80 फीसदी किसान अभी भी या तो झोंपड़ी में रहते हैं या फिर कच्चे-पक्के घरों में. देश के केवल 44 फीसदी किसान ही तीन वक्त का खाना रोज खा पाते हैं.

देश के हर किसान पर औसतन करीब 47 हजार रूपए का कर्ज है. देशभर में करीब 12 हजार किसान हर साल खुदकुशी कर लेते हैं. ग्रामीण इलाके में करीब 27 फीसदी आबादी गरीबी रेखा से नीचे हैं.