नई दिल्ली: चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत ने एबीपी न्यूज़ से खास बातचीत की. उन्होंने बताया कि सेना का कश्मीर से आतंकियों के सफाये का प्लान क्या है, साथ में पाकिस्तान को भारतीय फौज टेरर वायरस का वैक्सीन कब देगी. पाकिस्तान के किस लांच पैड में आतंकियों के बीच फैला है कोरोना वायरस? जनरल बिपिन रावत ने ये भी बताया कि आतंकियों के आकाओं को खत्म करने की सेना की रणनीति क्या है?


सवाल- भारतीय सेना कोविड-19 के संकट काल में किस तरह से कंधे से कंधा मिलाकर सहयोग कर रही है?


जवाब- जब से संकट हमारे देश में आया है तब से लगातार हमारी सेनाएं सरकार के साथ एकजुट होकर काम कर रही हैं. आप तो जानते ही हैं सबसे पहले चीन से वेकेशन हुए थे जिसमें भारतीय सेना के जहाज गए थे. ईरान से भी हमारी वायुसेना के जहाजों से लोगों को निकाला गया था फिर उसके बाद हमने कुछ इस तरह की सुविधाएं बनाई जिससे हमारे देशवासियों को सहायता मिल सके.


क्वॉरन्टीन सेंटर बनाए गए, आइसोलेशन सेंटर बनाए गए, हॉस्पिटल बनाए गए. हमारे डॉक्टर्स कई इलाकों में तैनात हैं. हमने डॉक्टर्स की टुकड़ी 9 देशों में भेजी है. कुछ और देशों ने भी हमसे मदद मांगी थी वहां पर भी हमारी डॉक्टर की टीम 2 हफ्ते के लिए तैनात है.


सवाल- सेना की तरफ से कितनी बेड कैपेसिटी देश में कोरोना वायरस से लड़ने के लिए क्रिएट की है?


जवाब- हमें सरकार ने बैठकर पीछे की और कुछ तैयारी करने के लिए कहा था इसके तहत कई सुविधाएं क्रिएट की गई हैं. तमाम संगठनों के साथ मिलकर कोई 25000 के आसपास बेड कैपेसिटी हमने क्रिएट की है. इसके अलावा हमने सेना के जवानों के लिए भी कुछ सुविधाएं क्रिएट की हैं क्योंकि हमारी सेना के जवान भी इनफेक्टेड हुए हैं, विदेश से जो लोग लौटकर आएंगे अभी उनके लिए भी हमारी फैसिलिटी का इस्तेमाल किया जाएगा.


सवाल -कश्मीर में आतंकवादी गतिविधियां बढ़ी हैं और लॉकडाउन के दौरान आतंकी गतिविधियां काफी तेजी से बढ़ी है. लॉकडाउन के दौरान यह आतंकवादी कैसे अनलॉक हो गए?


जवाब- इसमें कार्रवाई इंडिविजुअल को करनी है. लोगों को धैर्य और अनुशासन की जरूरत होती है और यही दो चीजें हैं जो आतंकियों में नहीं है इसलिए लॉकडाउन की कार्रवाई अगर कोई तोड़ना चाहे तो तोड़ सकता है लेकिन पुलिस उनको काबू में कर रही है लेकिन छिप कर आतंकी अपनी कार्रवाई करते हैं. कभी मेडिकल के नाम पर बाहर निकलते हैं कभी बहुत जरूरी काम का बहाना बताकर निकलते हैं यह भी टेररिज्म की एक्टिविटी हो सकती है लेकिन सेना इसके लिए तैयार है और एंटी टेररिज्म एक्ट के तहत कार्रवाई करना जारी रहेगा.


सवाल- पिछले दिनों दुनिया के तमाम देशों ने भारत से मदद मांगी. किसी ने हाइड्रोक्लोरोक्वीन टैबलेट मांगी किसी ने पेरासिटामॉल मांगी और भारत ने खुले दिल से मदद की लेकिन हमारा पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान टेरर वायरस फैला रहा है इस वायरस का वैक्सीन कब आएगा ?


जवाब- धीरे-धीरे इसका भी वैक्सीन आ जाएगा. सेना जो कार्रवाई कर रही है सेना को उसमें सफलता मिल रही है सेना की तमाम दूसरे फोर्सेस को भी सफलता मिल रही है. वह इसलिए मिल रही है क्योंकि धीरे-धीरे कश्मीर की जनता को समझ में आने लगा है कि उनका साथ देने से कोई फायदा नहीं है.


धारा 370 और 35 से हटाए जाने के बाद स्थिति में काफी सुधार हुआ है और इस तरह से अगर वहां के नागरिकों का सहयोग एडमिनिस्ट्रेशन को जारी रहेगा और हमारे फोर्सेस को सहयोग मिलता रहा तो हमें लगता है कि हम जल्द ही टेररिज्म पर काबू पा सकते हैं लेकिन यह कहना कि हम ओवरनाइट यह कर लेंगे यह मुश्किल है लेकिन सेना की कोशिश रहेगी कि कैसे काबू में रखें और जब कश्मीरवासी समझ जाएंगे तो हमें इसमें सफलता मिलेगी.


सवाल- धारा 370 हटने के बाद अलगाववादियों की कमर टूट गई है अब उन पर वो कानून लागू होने लगे हैं जो धारा 370 की वजह से उन पर लागू नहीं होते थे चाहे वह भ्रष्टाचार निरोधक कानून हो या दूसरे कानून हों.अब इनकी आर्थिक सप्लाई बंद हो गई है हम देख रहे हैं कि अभी भी अलगाववादी लोगों को भड़काते रहते हैं अब इन लोगों का फंड कहां से आ रहा है?


जवाब- इनको फंड जो मिलता है वह सबसे पहला इनका तैयार है. फेक करेंसी नकली करेंसी का इस्तेमाल यह लोग करते हैं आम आदमी इस को पहचानने में कामयाब नहीं हो पाता और हो सकता है कि फेक करेंसी हमारे देश में फैल रही है. इसके अलावा ड्रग्स का इस्तेमाल लोग कर रहे हैं जिसको लाना बहुत आसान होता है. इसकी जानकारी बहुत कम लोगों को होती है और छोटे छोटे पैकेट में लाई जा सकती है.


उसका भी इस्तेमाल ड्रग्स को लाने के लिए किया जा रहा है जिसके जरिए उसको दोबारा से पैसे में कन्वर्ट करके यह फंड का जुगाड़ करते हैं और जिस तरह से हमारे देश में नौजवानों में खासतौर पर 1 सेंटर में जब की बीमारी नौजवानों में फैल रही है उसका फायदा आतंकी उठा रहे हैं और हमें अगर फाइनेंशियल कंट्रोल करना है तो हमें इसकी जड़ पर प्रहार करना होगा और नौजवानों को खुद समझना होगा कि जिसका इस्तेमाल वे खुद करते हैं उसका सीधा फायदा आतंकियों को होता है.


सवाल- कश्मीर का हिजबुल कमांडर मारा गया और उसके बाद हमने देखा सीआरपीएफ के ट्रक थे लोकल पुलिस की गाड़ियां थी उस पर लोगों ने हमला कर दिया यह कौन लोग हैं जो टेररिस्ट एक्टिविटी को सपोर्ट करते हैं उनको बैकअप देते हैं और यह लोग क्यों आते हैं?


जवाब- सबसे पहले 12 टेररिस्ट को क्रॉप अप किया जाता है लीडरशिप के नाम पर जैसे, पहले बुरहान वानी को क्रॉप अप किया गया, उसके बाद मीडिया के जरिए उनके बारे में बातें फैलाई जाती हैं और उसकी एक इमेज बनाई जाती है जिससे लोगों में डर पैदा होता है कभी कभार ऐसा होता है कि कुछ पैसे से वह लोगों की मदद कर देता है और इस तरह की बातों से उसकी रॉबिनहुड बनाने की इमेज की कोशिश की जाती है और यह कार्रवाई रियाज नायकु भी कर रहा था, हमें मीडिया का सहयोग चाहिए होगा.


सवाल- हम कभी भी आतंकियों की इमेज बनाने की कोशिश नहीं करते हैं. हम उनके घिनौने अपराध को दिखाने की कोशिश करते हैं, वह बच्चों का मारता था, पुलिस वालों का अपहरण करता था-उनको मारता था हमने यह सब दिखाया.


जवाब- आपने सब कुछ उजागर कर दिया लेकिन फिर भी ऐसे लोगों के जनाजे में लोग निकलते हैं क्यों निकलते हैं क्योंकि लोगों में भय होता है क्योंकि अगर आप इन के जनाजे में नहीं आएंगे तो आतंकियों के सहयोगी जाकर लोगों को डराते हैं धमकाते हैं और परिणाम भुगतने की धमकी देते हैं जिसके बाद लोग डर जाते हैं और जब ऐसा होता है तो दूसरे टेरेरिस्ट भी सोचते हैं कि अगर वह टेरेरिस्ट बन जाएंगे तो उनकी भी लोगों में ऐसी भाई और इज्जत होगी और ऐसा सोच रखने वाले लोग गलत सोचते हैं मैं नहीं सोचता कि कोई भी संगठन या भारतीय किसी टेररिस्ट को सम्मान देता है.


सवाल-  बर्फबारी के बाद खबरें आती है कि लांच पैड पर आतंकी हैं और वह भारत में घुसने की फिराक में हैं. इस बार भी खबरें आ रही अगर यह लॉन्च पर टैलेंटिफाई है तो क्या भारत फिर से सर्जिकल स्ट्राइक जैसी कार्रवाई कर सकता है?


जवाब- इस पर मैं टिप्पणी नहीं करना चाहूंगा क्योंकि यह चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ के दायरे में आता है और वो सक्षम हैं, लेकिन मैं आपको बता दूं कि हमें कार्रवाई करने में सक्षम है और जरूरत पड़ेगी फिजिकल कार्रवाई करने की और जैसा हमने पहले भी की है हम जरूर करेंगे. आजकल हमारे पास टेक्नोलॉजी है और टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके हम फॉरवर्ड लांच पैड को नष्ट करते हैं और करने में सफल भी रहे.


सवाल- पाकिस्तान में जो लांच पैड है वहां पर कई टेररिस्ट हैं उनके बीच कोरोना वायरस फैल गया है और एक ऐसा ही इन कॉल इंटरसेप्ट किया गया इसमें एक आतंकी अपने पिता को बता रहा है कि वहां कोरोना वायरस फैल गया है क्या आप लोगों की ऐसी कोई जानकारी है?


जवाब- पाकिस्तान में टेस्टिंग की सुविधा नहीं है इसलिए कहां-कहां संक्रमित हुए हैं कहना बड़ा मुश्किल है और जो लोग टेररिज्म में इंवॉल्व हैं और सोशल डिस्टेंसिंग को मेंटेन नहीं कर रहे हैं हेल्थ हाइजीन को तव्ज्जो ही नहीं दे रहे हैं एक दूसरे से मिल रहे हैं ट्रेनिंग ले रहे हैं एक साथ उनके बीच कोरोना वायरस फैलने की बहुत ज्यादा आशंका होती है और अगर ऐसी खबरें आ रही है क्योंकि इस बीच कोरोना वायरस फैल गया है तो इसमें सच्चाई हो सकती है और ऐसी खबरें आ भी रही है.


सवाल- हंदवाड़ा का बदला लेने के लिए क्या कार्रवाई भविष्य में भी जारी रहेगी, ढूंढ ढूंढ कर शिकार मारे जाएंगे?


जवाब- सबसे पहलेे हमारी प्राथमिकता है कि टेरेरिस्ट लीडरशिप का खात्मा किया जाए इसलिए टेररिस्ट की लीडरशिप को खात्मा करने की जो कार्रवाई हैै अब इसमें भी जारी रहेगी. हमारी सशस्त्र सेनाओं में जोश है. वह पूरी तरह से इनके खिलाफ काम करती रहेंगी.


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