Pawan Khera: कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को गुरुवार (23 फरवरी) सुबह कथित तौर पर दिल्ली से छत्तीसगढ़ जाने से रोक दिया गया. इसे लेकर पार्टी नेताओं ने एयरपोर्ट पर विरोध प्रदर्शन भी किया. कांग्रेस का आरोप है कि दिल्ली एयरपोर्ट (Delhi Airport) पर खेड़ा को हिरासत में लेने की कोशिश की गई. वहीं, इंडिगो एयरलाइंस ने कहा है कि पवन खेड़ा को रायपुर न ले जाने के निर्देश मिले थे. 


बता दें कि, कुछ दिन पहले ही खेड़ा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिता को लेकर विवादित बयान दिया था. जानकारी के मुताबिक इसके खिलाफ लखनऊ में मामला भी दर्ज किया गया था. अब पवन खेड़ा पर इस एक्शन को इसी मामले से जोड़कर देखा जा रहा है. कांग्रेस ने बताया कि खेड़ा रायपुर जाने वाली फ्लाइट में बैठ चुके थे फिर उन्हें सामान  की जांच कराने के बहाने उतरने को कहा गया. 






कांग्रेस का आरोप


कांग्रेस का आरोप है कि असम पुलिस वारंट लेकर एरपोर्ट पहुंची थी. कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत का कहना है कि यह कैसी मनमानी है? क्या कोई कानून का राज है? यह किस आधार पर और किसके आदेश से किया जा रहा है?






वहीं, अब सूत्रों से खबर सामने आ रही है कि असम पुलिस के कहने पर दिल्ली पुलिस ने पवन खेड़ा को एयरपोर्ट पर रोका है. कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने इसे तानाशाही बताया है. उनका कहना है कि दिल्ली पुलिस की तरफ से रायपुर की फ्लाइट से पवन खेड़ा को उतारा गया. तानाशाही का दूसरा नाम 'अमितशाही' है. मोदी सरकार हमारे राष्ट्रीय महाअधिवेशन को बाधित करना चाहती है. हम डरने वाले नहीं हैं, देशवासियों के लिए संघर्ष करते रहेंगे. 


'अधिवेशन से पहले बीजेपी की हरकत'


कांग्रेस के आधिकारिक ट्वीटर अकाउंट से भी इस मामले को लेकर ट्वीट किया गया है. कांग्रेस का कहना है कि इंडिगो की फ्लाइट 6E-204 से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिल्ली से रायपुर जा रहे थे. सभी फ्लाइट में बैठ चुके थे, उसी वक्त हमारे नेता पवन खेड़ा को फ्लाइट से उतरने को कहा गया. ये तानाशाही रवैया है. तानाशाह ने अधिवेशन से पहले ईडी के छापे मरवाए और अब इस तरह की हरकत पर उतर आया. 






कांग्रेस के तमाम नेताओं ने इस मामले को लेकर रोष जताया है. के सी वेणुगोपाल ने भी ट्वीट कर कहा कि मोदी सरकार गुंडों के झुंड की तरह काम कर रही है. पवन खेड़ा को एआईसीसी प्लेनरी में शामिल होने से रोकनी की कोशिश की जा रही है. उन्हें चुप कराने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने इसे शर्मनाक बताया है. 






अशोक गहलोत ने इस मामले को निंदनीय बताया है. उन्होंने कहा कि दिल्ली से रायपुर कांग्रेस अधिवेशन में भाग लेने जाते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पवन खेड़ा को असम पुलिस ने फ्लाइट से उतार दिया. ऐसी कौनसी इमरजेंसी थी कि असम पुलिस ने दिल्ली आकर ये काम किया? पहले रायपुर में ईडी के छापे और अब ऐसा कृत्य बीजेपी की बौखलाहट दिखाता है. यह निंदनीय है. 






पवन खेड़ा ने इस मामले में कहा कि उन्हें बताया गया कि वे उनका सामान देखना चाहते हैं. उन्होंने बताया भी कि उनके पास एक हैंडबैग के अलावा कुछ नहीं है. जब वह फ्लाइट से नीचे उतरे तो उनसे कहा गया कि वह नहीं जा सकते और डीसीपी आएंगे. 


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