नई दिल्ली: देश में कोरोना की दूसरी लहर में कोविड -19 मामलों की संख्या तेजी से बढ़ी और अब उसी गति से मामले में गिरावट आ रही है. केवल तीन हफ्तों में  डेली केस का सात दिन का औसत 8 मई को संक्रमण के पीक की रिकॉर्ड संख्या से आधा हो गया है. आंकड़ों के अनुसार, शनिवार को दैनिक मामलों का औसत 2 लाख से कम हो गया और यह आंकड़ा 1,95,183 था, जो पीक पर पहुंचने के 3,91,263 केस का लगभग 50% है. दूसरी लहर में औसत दैनिक मामलों में 50% की कमी देश में महामारी की पहली लहर की तुलना में आधे समय में आई है.


पहली लहर में 17 सितंबर को औसत दैनिक मामले 93,735 केस के साथ पीक पर पहुंच थे. छह सप्ताह बाद 30 अक्टूबर तक यह संख्या गिरकर आधी हो गई थी. हालांकि डेली मौतों का आंकड़ में संक्रमण के मामलों की तरह गिरावट नहीं आई है. दैनिक औसत मौतों के आंकड़े में पीक से लगभग 18% कमी आई है. इसमें महाराष्ट्र की 5,000 से अधिक मौतों का आंकडा शामिल नहीं है.


दैनिक मौतों का संख्या 3 हजार से कम नहीं हुई
16 मई को सात दिन की औसत दैनिक मौतों का आंकड़ा 4040 की संख्या पर पहुंचा. वर्तमान में यह संख्या 3324 है. देश में महामारी से होने वाली दैनिक मौतों की संख्या अभी तक 3000 के आंकड़े से नीचे नहीं आई हैं. शनिवार को देश में वायरस से 3,080 मौतें हुईं, जो पिछले दिन के 3,034 के आंकड़े के लगभग बराबर थी.  


दिलचस्प बात यह है कि मामलों में गिरावट की दर दूसरी लहर के दौरान संक्रमण के मामलों में पहले की वृद्धि को दिखाती है. तीन सप्ताह में दैनिक औसत मामले आधे कम हुए, जबकि यह संख्या तीन सप्ताह पहले पीक के आधे के करीब थी. देश में मामलों के पीक पर पहुंचने से तीन सप्ताह पहले 17 अप्रैल को सात दिन का औसत 2,03,949 था. 


तमिलनाडु में सबसे ज्यादा मामले सामने आए
देश में शनिवार को 1,65,918 नए मामले सामने आए जबकि इससे एक दिन पहले 1.74 लाख मामले आए थे एक है. यह देश में 2 लाख से कम दैनिक मामलों का लगातार तीसरा दिन था. पूर्वोत्तर के लगभग सभी राज्यों में कोरोना वायरस के मामलों में गिरावट आ रही है. वहीं, तमिलनाडु में देश के सबसे अधिक मामले (30,016) और वायरस से होने वाली मौतों (486) की संख्या सामने आई. तमिलनाडु  के 21 मई को 36,184 मामलों के साथ पीक पर पहुंचने के बाद राज्य में दैनिक मामलों की संख्या गिरावट आ रही है.


यह भी पढ़ें


Mehul Choksi First Photo: डोमिनिका की जेल से सामने आईं भगोड़े मेहुल चोकसी की पहली तस्वीरें, शरीर पर दिखे मारपीट के निशान


राहुल गांधी का पीएम मोदी पर वार, कहा- प्रधानमंत्री की झूठी छवि के लिए मंत्री किसी भी विषय पर बोलने को मजबूर