कोरोना वायरस: लॉकडाउन का असर मंदिरों पर भी, नवरात्रों में भी मंदिरों पर लगा हुआ है ताला
ल़ॉकडाउन के चलते कालकाजी मंदिर पूरी तरह से बंद कर दिया गया है.पूजारी लोगों से अपील कर रहे हैं कि अपने घर से पूजा करें.
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नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 21 दिनों के लॉकडाउन का एलान किया और देश की जनता से अपील की कि वह इन 21 दिनों के दौरान अपने घर में ही रहें जिससे कि कोरोना से लड़ने में मदद मिल सके. इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने इस बात का भी जिक्र किया कि आज से चैत्र नवरात्रि की शुरुआत हो रही है ऐसे में मंदिरों में हमेशा ही हजारों लाखों लोगों की भीड़ होती है लेकिन इस बार मंदिर जाने से बचें जिससे कि कोरोना जैसी महामारी से लड़ने में मदद मिल सके.
प्रधानमंत्री की इस अपील का असर मंदिरों पर भी दिख रहा है. दिल्ली के कालकाजी मंदिर के मुख्य द्वार पर ताला लटका हुआ है और किसी को अंदर जाने की इजाजत नहीं है.
कालकाजी मंदिर पूरी तरह से बंद
कालकाजी मंदिर के अंदर जाने के सभी रास्ते पूरी तरह से बंद कर दिए गए हैं. सभी रास्तों पर सुरक्षाकर्मी तैनात हैं जो यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि मंदिर के अंदर श्रद्धालु ना पहुंच सकें. इतना ही नहीं मुख्य मंदिर के बाहर भी एक संदेश लगा हुआ है कि मंदिर परिसर बंद है यहां आने के बजाय घर से ही पूजा करें.
इसके साथ ही मंदिर के जो पुजारी हैं वह बीच-बीच में अगर कोई श्रद्धालु वहां पर पहुंच रहा है तो उसको यही समझा रहे हैं कि आप लोग अपने घर से ही पूजा कीजिए क्योंकि देश को महामारी से बचाने के लिए जरूरी है कि हम सब लोग अपने घरों में रहें. पुजारी लोगों को समझा रहे हैं कि पूजा अर्चना बाद में भी हो सकती है लेकिन इस महामारी को रोकना हमारी प्राथमिकता है.
रोक के बावजूद कुछ श्रद्धालु पहुंचे मंदिर, बाद में मानी अपनी गलती
हालांकि इस दौरान मंदिर के बाहर कुछ एक ऐसे श्रद्धालु जरूर देखने को मिले जो अपने हाथों में दीपक लेकर पूजा अर्चना कर रहे थे. लेकिन जब उन श्रद्धालुओं को पुजारी ने समझाया तो इनको भी अपनी गलती का एहसास हुआ श्रद्धालुओं ने माना कि हमसे गलती हुई है और वो अपने घर वापस जा रहे हैं. इसके साथ ही बाकी लोगों से भी यही अपील कर रहे हैं कि उनसे जो गलती हुई वह बाकी लोग ना करें.
मंदिर परिसर के अंदर और बाहर पूजा सामग्री बेचने वाली दुकानें भी बंद
इसके साथ ही मंदिर परिसर में जो पूजा सामग्री बेचने की दुकान सजी रहती है वह भी अब पूरी तरह से बंद है क्योंकि मंदिर में श्रद्धालु आ नहीं रहे और ऐसे में इन दुकानों पर बिक्री का कोई सवाल ही नहीं उठता. इसी वजह से मंदिर परिसर के आसपास बनी उन दुकानों को पूरी तरह से बंद कर दिया गया है जहां पर नवरात्रों के दौरान एक एक दुकान पर दर्जनों लोगों की भीड़ हुआ करती थी.
मंदिर प्रशासन और दुकानदारों ने निभाई अपनी जिम्मेदारी अब बारी आपकी
मंदिर परिसर के आसपास जो तस्वीरें नजर आ रही है वह तो यही इशारा कर रही हैं कि मंदिर प्रशासन के लोगों और दुकानदारों ने प्रधानमंत्री के संदेश को मानते हुए अपनी जिम्मेदारी निभा दी है. लेकिन अब जरूरत है उन श्रद्धालुओं को भी अपनी जिम्मेदारी निभाने की जो आस्था के आगे महामारी के खतरे को भी अनदेखा कर देते हैं.
एबीपी न्यूज़ भी यही अपील करता है कि अगर आपको पूजा अर्चना करनी है तो आप अपने घर में रहकर पूजा अर्चना कर सकते हैं क्योंकि वही सबसे सुरक्षित तरीका है. अगर आप मंदिर परिसर तक पहुंचते भी हैं तो वहां पर आपको पूजा अर्चना करने की अनुमति नहीं होगी और उल्टा हो सकता है कि आप के खिलाफ लॉकडाउन तोड़ने की धारा के तहत मुकदमा दर्ज हो जाए. तो सावधानी बरतिए और सुरक्षित रहिए.
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