IIT दिल्ली ने बनाई सबसे सस्ती कोविड-19 डिटेक्शन किट , एक हफ्ते के अंदर हो सकती है बाज़ार में उपलब्ध
आईआईटी के स्कूल ऑफ बायोलॉजिकल साइंसेस द्वारा कोरोनावायरस को डिटेक्ट करने वाली किट को 10 मेंबर्स की टीम ने बनाया है. प्रोजेक्ट पर जनवरी से शुरू था काम.
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दिल्ली: भारत में कोरोनावायरस संक्रमितों की संख्या 23 हज़ार के पार हो चुकी है और हर रोज कोविड 19 के मरीजों में इज़ाफ़ा हो रहा है. आईआईटी दिल्ली ने कोरोनावायरस टेस्ट के लिए सबसे सस्ती किट तैयार की है जिसे ICMR ने भी मंजूरी दे दी है.
आईआईटी के स्कूल ऑफ बायोलॉजिकल साइंसेस द्वारा कोरोनावायरस को डिटेक्ट करने वाली किट को 10 मेंबर्स की टीम ने बनाया है. जिसमें 4 प्रोफेसर और 6 पीएचडी स्कॉलर हैं. प्रोफेसर विवेकानन्दन पेरूमल , प्रोफेसर मनोज मेनन , प्रोफेसर विश्वजीत कुंडू, प्रोफेसर जेम्स गोम्स ने अपने छात्रों के सहयोग के साथ सम्मिलित काम किया और सफलता पाई है.
इस अच्छी खबर को साझा करते हुए प्रोफेसर विवेकानन्दन पेरूमल बताते हैं कि " हमने इस प्रोजेक्ट पर जनवरी में काम करना शुरू किया था ,जब कोरोनावायरस पूरी दुनिया में कहर बरपा रहा था . हमने तीन महीने लगातार इस किट को बनाने पर काम किया और फिर आईसीएमआर के पास स्वीकृति के लिए भेजा. "आईआईटी दिल्ली ने लो कॉस्ट डिटेक्शन किट बनाई है जिसकी कीमत 300 रुपए से भी कम हो सकती है.
प्रोफेसर विश्वजीत कुंडू बताते हैं कि " काफी सारी कंपनी ने हमसे कॉन्टैक्ट किया है जिससे हम कोरोना डिटेक्शन किट को बाज़ार में जल्द से जल्द उतारें. हम एक हफ्ते में 30 से 40 हज़ार किट बना सकते हैं. "पीएचडी स्कॉलर आशुतोष कुमार पांडे कहते हैं कि लॉकडाउन के कारण , सामान को लाने ले जाने के तकलीफें आईं लेकिन जब आपका उद्देश्य ऊंचा होता है तो ये सभी परेशानियां बहुत छोटी लगती हैं.
कोरोनावायरस के लक्षणों का पता लगाना अब भी चुनौती बना हुआ है जिस से वायरस का संक्रमण तेज़ी से पूरे विश्व में फैला है. संक्रमितों की पहचान हो जाने पर उनका इलाज भी जल्द से जल्द किया जा सकता है. आईआईटी दिल्ली का यह आविष्कार देश में कोरोनावायरस के संक्रमित मामलों को जल्द से जल्द पहचानने में मदद करेगा जिस कारण इलाज में भी तेजी होना संभव हो पाएगा.
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