CPR Training: जेनजो 5जी एम्बुलेंस सेवाओं की एक पहल ने अब भारत के कई राज्यों और शहरों में जोमैटो डिलीवरी बॉयज को सड़कों पर चिकित्सा आपातकाल की स्थिति में सीपीआर और बुनियादी प्राथमिक उपचार देने में प्रशिक्षित किया है. 

जेनजो की सह-संस्थापक और सीईओ श्वेता मंगल का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य आपातकालीन स्थिति के लिए लोगों को तैयार रखना है. इस कोशिश में डिलीवरी कर्मियों को जीवन रक्षक तकनीकों के बारे में शिक्षित किया जाता है.

श्वेता मंगल कहती हैं, "हम सिर्फ अपनी एम्बुलेंस लॉन्च करके भारत को आपातकाल के लिए तैयार नहीं कर सकते, इसलिए राइडर और ड्राइवर पार्टनर से बेहतर कौन हो सकता है? हमारे पास पहले से ही 450 भारतीय शहरों में एम्बुलेंस नेटवर्क है, लेकिन फिर भी एम्बुलेंस देश के हर हिस्से तक नहीं पहुंच पाई हैं. लंदन जैसे विकसित शहर में भी एम्बुलेंस का रिस्पांस टाइम नौ मिनट है और जब दिल का दौरा पड़ता है या कोई दूसरी मेडिकल इमरजेंसी होती है, तो वे कुछ मिनट जीवन भर की तरह लगते हैं. ऐसे में सबसे पहले रिस्पांस करने वाली एक सेना की जरूरत है, जो तुरंत काम करके जान बचा सके, उसके बाद एम्बुलेंस रिस्पांस की जरूरत होती है."

10 लाख से ज्यादा को दिया प्रशिक्षणजेनजो में चिकित्सा सेवाओं के प्रमुख और जोमैटो डिलीवरी राइडर्स के प्रशिक्षण के प्रभारी डॉ. नरसिंह अरोलकर ने कहा, "पूरे भारत में 10 लाख से ज्यादा जोमैटो राइडर्स को प्रशिक्षित किया गया है. ड्राइवर, शिक्षक और स्कूल और कॉलेज के कर्मचारी, मरीजों की देखभाल करने वाले परिचारक, टूर ट्रैवल मैनेजरों को प्रशिक्षित किया गया है. डिलीवरी बॉय और राइडर्स को CPR प्रशिक्षण के लिए आधे शरीर की डमी का इस्तेमाल करना और बुनियादी चिकित्सा प्राथमिक उपचार तकनीकों का ज्ञान दिया गया. आम आदमी के तौर पर सभी को प्रशिक्षित किया जाना चाहिए. कीमती समय बर्बाद होता है और हमने लोगों को गिरते हुए देखा है और आस-पास कोई नहीं जानता कि क्या करना है.

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