नई दिल्लीः देश के सबसे बड़े अर्धसैनिक बल सीआरपीएफ के कर्मियों को जम्मू- कश्मीर में आतंकवाद रोधी अभियान चलाने और माओवाद से प्रभावित क्षेत्रों में नक्सलियों से लोहा लेने के लिए 73 वीरता पदक का सम्मान मिला है.केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की ओर से जारी एक वक्तव्य में कहा गया कि रक्षा मंत्रालय ने बल के चार कर्मियों को कीर्ति चक्र देने की घोषणा भी की है.
4 कर्मियों को कीर्ति चक्र का सम्मान
सीआरपीएफ की 92वीं बटालियन के निरीक्षक पिंटू कुमार सिंह, हैड कांस्टेबल श्याम नारायण सिंह यादव और कांस्टेबल विनोद कुमार को मरणोपरांत, शांति के दौरान दिए जाने वाले दूसरे सबसे बड़े वीरता पदक कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया है. इन तीनों ने फरवरी 2019 में जम्मू कश्मीर के कुपवाड़ा में 34 घंटे तक आतंकवादियों से लड़ने के बाद अपने प्राण न्योछावर कर दिए थे.
सीआरपीएफ की ओर से बताया गया कि पिछले साल सितंबर में श्रीनगर स्थित बटमालू में एक आतंकवाद रोधी अभियान के दौरान गंभीर रूप से घायल होने वाले डिप्टी कमांडेंट राहुल माथुर को भी कीर्ति चक्र प्रदान किया गया है.
दूसरे बलों के वीरता पदकों की घोषणा
केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से जारी तालिका के अनुसार जम्मू-कश्मीर पुलिस को 52 पुलिस वीरता पदक से सम्मानित किया गया है. इसके अलावा बीएसएफ के 20, दिल्ली पुलिस के 17, महाराष्ट्र पुलिस के 13 तथा अन्य पुलिस विभाग के कर्मियों को पुलिस वीरता पदक प्रदान किया गया है.
सीआरपीएफ को दिए गए 69 पदकों में से 61 पदक उन कर्मियों को दिए गए हैं जिन्होंने जम्मू कश्मीर में अदम्य साहस का परिचय दिया. आरपीएफ के महानिदेशक ए पी माहेश्वरी ने कहा, “यह पूरे बल के लिए गर्व का विषय है कि कृतज्ञ राष्ट्र ने हमारे जवानों का सम्मान किया है और गणतंत्र दिवस पर 73 वीरता पदक प्रदान किए गए हैं.”
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