दिल्ली दंगा: पुलिस ने कड़कड़डूमा कोर्ट में दाखिल की अकबरी बेगम हत्या केस की चार्जशीट
यह घटना उत्तर पूर्वी दिल्ली के भजनपुरा इलाके में 25 फरवरी को हुई थी. बाद में मामला जांच के लिए दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा को सौंप दिया गया था. दंगों के बाद अकबरी देवी के मामले को लेकर संसद में भी सवाल उठे थे और इसका जिक्र कई नेताओं ने संसद में हुई बहस के दौरान भी किया.
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नई दिल्ली: उत्तर पूर्वी दिल्ली में हुए दंगे के दौरान 85 साल की अकबरी देवी की हत्या के मामले में दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने आज कड़कड़डूमा कोर्ट में अपना आरोप पत्र दाखिल किया. इस मामले की जांच के दौरान अपराध शाखा ने 6 लोगों को गिरफ्तार किया था जो अभी भी न्यायिक हिरासत में जेल में चल रहे हैं.
यह घटना उत्तर पूर्वी दिल्ली के भजनपुरा इलाके में 25 फरवरी को हुई थी. बाद में मामला जांच के लिए दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा को सौंप दिया गया था. दंगों के बाद अकबरी देवी के मामले को लेकर संसद में भी सवाल उठे थे और इसका जिक्र कई नेताओं ने संसद में हुई बहस के दौरान भी किया. खासकर कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने इस मामले में गृहमंत्री से सवाल किया था कि अकबरी देवी केस में क्या इन्वेस्टिगेशन हो रही है. पुलिस के मुताबिक अकबरी देवी की मौत दंगाइयों द्वारा उनके घर में आग लगा देने के कारण हुई थी. उनके परिवार के अन्य सदस्य भागकर मकान की सबसे ऊपरी मंजिल पर चले गए थे लेकिन वृद्धावस्था होने के कारण अकबरी देवी छत पर नहीं जा पाई थी और इस दौरान आग ने भयानक रूप धारण कर लिया जिससे अकबरी देवी की मौत हो गई थी.
अपराध शाखा ने इस मामले में जांच के दौरान मौके पर मौजूद अनेक लोगों के बयान लिए और इलेक्ट्रॉनिक के साथ दस्तावेजी सबूतों को एकत्र किया. इस मामले में अपराध शाखा ने अरुण कुमार, वरुण कुमार, विशाल सिंह, रवि कुमार, अमित और सूरज सिंह को विभिन्न आपराधिक धाराओं के तहत गिरफ्तार किया था. यह सभी आरोपी अभी भी जेल में है और इन लोगों ने अपनी जमानत के लिए याचिका कड़कड़डूमा के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में लगाई थी लेकिन वहां से इनकी जमानत मंजूर नहीं हो पाई थी. यह सभी अभी भी तिहाड़ जेल में बताए गए हैं.
पुलिस ने इस मामले में अब तक लगभग 410 लोगों के खिलाफ आरोपपत्र कोर्ट के सामने दाखिल किए हैं जिनमें से 205 लोग एक जाति विशेष और 205 लोग दूसरी जाति विशेष के बताए गए हैं. दिल्ली पुलिस के मुताबिक इस मामले में आरोप पत्र पूरी जांच पड़ताल के बाद ही कोर्ट के सामने पेश किए जा रहे हैं और दावा है कि दिल्ली पुलिस इस मामले में बिना सबूतके किसी को भी गिरफ्तार नहीं कर रही है.
ध्यान रहे कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी इस बाबत साफ तौर पर कह चुके हैं कि दिल्ली दंगों के मामले में किसी भी निर्दोष को फंसाया नहीं जाएगा और कोई भी दोषी बख्शा नहीं जाएगा. दिल्ली पुलिस अभी इन मामलों में और भी आरोप पत्र दाखिल कर सकती है.
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