Meat Shops Closed on Navratri: दिल्ली और उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में नवरात्रि के दौरान मीट की दुकानें बंद करने को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. इसी बीच, बीजेपी सांसद योगेंद्र चंदोलिया ने भी इस मांग का समर्थन करते हुए बड़ा बयान दिया है.


दरअसल, योगेंद्र चंदोलिया ने कहा कि नवरात्रि के दौरान मीट की दुकानें बंद होनी चाहिए ताकि त्योहार की गरिमा बनी रहे. उन्होंने कहा, "देश में करोड़ों लोग नवरात्रि में पूजा-अर्चना करते हैं, नौ दिनों तक अन्न ग्रहण नहीं करते और केवल फलाहार करते हैं. ऐसे में मीट की दुकानों के खुले रहने से पवित्रता भंग हो सकती है." उन्होंने आगे कहा कि सिर्फ नौ दिनों की बात है, इसलिए मीट और शराब की दुकानों को बंद किया जाना चाहिए.


दिल्ली में भी उठी मांग
दिल्ली बीजेपी विधायक रवि नेगी ने कहा कि हिंदू समुदाय के लोगों की नवरात्रि में विशेष आस्था होती है. उन्होंने बताया कि कई लोग उनसे मिलकर इस दौरान मीट की दुकानें बंद करने की मांग कर रहे हैं. उन्होंने कहा, "मैं एक निर्वाचित प्रतिनिधि हूं, इसलिए मैं चाहता हूं कि पूरी दिल्ली में यह नियम लागू हो."


कांग्रेस सांसद इमरान मसूद का तर्क
वहीं, उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने इस मुद्दे पर अलग राय दी. उन्होंने कहा कि नवरात्रि के दौरान मीट की मांग स्वाभाविक रूप से कम हो जाती है, इसलिए दुकानों को बंद करने की जरूरत नहीं है.


बीजेपी विधायक अजय महावर ने भी इस मांग का समर्थन करते हुए कहा कि खुले में मीट काटने, बेचने और पकाने पर रोक लगनी चाहिए. उन्होंने कहा, "यह मीठी ईद है, बकरा ईद नहीं. हिंदुओं की भावनाओं का सम्मान होना चाहिए. नवरात्रि के दौरान खुले में मांसाहारी भोजन का व्यापार नहीं होना चाहिए."


महानवमी पर्व पर भी लगे रोक
झारखंड विधानसभा सत्र के दौरान भाजपा विधायकों ने कहा महानवमी पर्व पर हिंदुओं को असीम आस्था है. इस पर्व में धूमधाम से मनाया जाता है, लेकिन इस दौरान सड़क किनारे खुले में बिकने वाले मांस-मछली से हिंदुओं की धार्मिक भावनाएं आहत होती हैं. प्रशासन अविलंब ऐसे दुकानों को बंद करवाए. वहीं, सत्ता पक्ष के मंत्री इरफान अंसारी ने कहा जिसको खाना है खाए नहीं खाना मत खाए, बीजेपी की मानसिकता गर्भ में जा रही है, यह कोई मुद्दा नहीं है.


प्रशासन को लिखा गया पत्र
बता दें कि दिल्ली में बीजेपी नेताओं ने नगर निगम (MCD) और प्रवर्तन एजेंसियों को पत्र लिखकर नवरात्रि के दौरान खुले में मीट बेचने और पकाने पर रोक लगाने की मांग की है. अब देखना होगा कि प्रशासन इस पर क्या कदम उठाता है.