देश में महंगाई को लेकर हाहाकार मचा हुआ है. पेट्रोल-डीजल के साथ एलपीजी के दामों में भी लगातार इजाफा हो रहा है. आलम ये है कि अभी भारत के लोग दुनिया में सबसे महंगा घरेलू गैस सिलेंडर खरीद रहे हैं. वहीं, पेट्रोल की कीमतों के मामले में भारत तीसरे और डीजल के दामों के मामले में आठवें पायदान पर है.


भारतीय करेंसी अर्थात रुपये की पर्चेजिंग पॉवर के मुताबिक, भारत में प्रति किलोग्राम एलपीजी की कीमत सबसे ज्‍यादा है. पर्चेजिंग पॉवर के हिसाब से एलपीजी 3.5 डॉलर प्रति किलोग्राम के भाव से है. ऐसे में लोगों की रोजाना की आय का 15.6 फीसदी हिस्‍सा इस पर खर्च हो रहा है. प्रति व्‍यक्ति की रोजाना आमदनी में से इतना बड़ा हिस्‍सा अन्‍य किसी देश में खर्च नहीं हो रहा है.


आय का 23.5 फीसदी हिस्‍सा प्रति लीटर पेट्रोल खरीदने पर खर्च हो रहा


वहीं, देश में पेट्रोल की कीमतें भी लगातार बढ़ोतरी हो रही है. स्थिति ये है कि प्रति व्‍यक्ति की रोजाना आय का करीब 23.5 फीसदी हिस्‍सा प्रति लीटर पेट्रोल खरीदने पर खर्च हो रहा है. भारत से आगे उसके दो पड़ोसी देश नेपाल और पाकिस्तान है. नेपाल में पेट्रोल पर रोजाना कमाई का 38.2 फीसदी हिस्‍सा खर्च करना पड़ रहा, वहीं पाकिस्‍तान में 23.8 फीसदी हिस्‍सा पेट्रोल खरीदने पर खर्च हो रहा है.


विकसति देशों में प्रति व्‍यक्ति की रोजाना आय के मुकाबले पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस पर बेहद कम अनुपात में खर्च हो रहा है. अमेरिका में पेट्रोल पर रोजाना आमदी का 0.6 फीसदी और डीजल पर 0.7 फीसदी खर्च करनी पड़ती है. बता दें कि अंतरराष्‍ट्रीय बाजार में डॉलर के मुकाबले भारतीय करेंसी की स्थिति और अन्‍य देशों में बिकने वाले पेट्रोल-डीजल की वहां की मुद्रा के हिसाब से इसकी कीमतों की गणना की गई है. ऐसे में भारत में एलपीजी की प्रति लीटर कीमत 3.5 डॉलर आती है, जो किसी भी अन्‍य देश के मुकाबले सबसे ज्‍यादा है. भारत के बाद तुर्की, फिजी और यूक्रेन का नंबर आता है. 


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