Exclusive: पीएम पद का चेहरा नहीं, ये है नीतीश कुमार का पहला मकसद
Nitish Kumar Meets Sharad Yadav: नीतीश कुमार ने मंगलवार को दिल्ली में अपने पुराने साथी शरद यादव से मुलाकात की. इस मुलाकात के बाद एबीपी न्यूज़ को खास जानकारी हाथ लगी है.
Sharad Yadav Nitish Kumar Meeting: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) दिल्ली के दौरे पर हैं. यहां नीतीश कांग्रेस नेता राहुल गांधी, सीएम अरविंद केजरीवाल, मुलायम सिंह यादव, अखिलेश यादव, ओपी चौटाला और सीताराम येचुरी जैसे विपक्षी दलों के नेताओं से मुलाकात कर चुके हैं. उन्होंने जेडीयू के पूर्व अध्यक्ष शरद यादव से भी मुलाकात की. नीतीश कुमार की पहली कोशिश सभी विपक्षी दलों को साथ लाने की है. खासकर कि वो दल जो फिलहाल कांग्रेस के नेतृत्व में काम नहीं करना चाह रहे हैं. इन दलों में ममता बनर्जी की टीएमसी, सीएम केजरीवाल की आप, के चंद्रशेखर राव की टीआरएस और शरद पवार की एनसीपी शामिल हैं.
एबीपी न्यूज़ को सूत्रों के मिली जानकारी के मुताबिक, शरद यादव और नीतीश कुमार दोनों नेताओं का मानना है कि फिलहाल उन्हें (नीतीश कुमार) खुद को प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के तौर पर पेश करने का कैंपेन नहीं चलाना चाहिए. पहले सभी को साथ लाने की कोशिश होनी चाहिए.
दोनों नेताओं में हुई ये बातचीत
शरद यादव की इस खास सलाह पर नीतीश कुमार ने खुद भी कहा कि वो ऐसी खबरों को लगातार नकार रहे हैं. मकसद फिलहाल ये है कि सभी को किसी तरह साथ लाया जाए और प्रधानमंत्री के चेहरे पर सहमति बाद में बनाई जाए. सूत्रों का कहना है कि ऐसा करने से नीतीश कुमार स्वाभाविक तौर पर प्रधानमंत्री पद के लिए एक मजबूत दावेदार बन सकेंगे क्योंकि उन्हें 15 साल बिहार में शासन का भी अनुभव है और वो एक स्वीकार्य चेहरा हो सकते हैं.
नीतीश कुमार को लालू यादव का भी समर्थन
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, आरजेडी के अध्यक्ष और बिहार के पूर्व सीएम लालू यादव भी नीतीश कुमार (Nitish Kumar) को विपक्ष को साथ लाने की कोशिश के लिए समर्थन दे रहे हैं. हालांकि सूत्रों ने बताया कि इसके पीछे लालू यादव (Lalu Yadav) का इरादा ये भी हो सकता है कि अगर भविष्य में नीतीश किसी नए विपक्षी गठबंधन के संयोजक या चेयरपर्सन बनते हैं तो उनके बेटे तेजस्वी यादव बिहार के मुख्यमंत्री बन सकेंगे.
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