Farmers Protest: सिंघु बॉर्डर पर बोले किसान- जहां हैं वहीं रहेंगे, हरदीप पुरी बोले- शर्त के साथ नहीं होती बातचीत
सिंघु बॉर्डर पर सोमवार को किसान संगठनों की तरफ से आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जगमोहन सिंह ने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह फोन पर बात कर रहे हैं लेकिन उसमें कोई सच्चाई नहीं है. हमारे 30 संगठन की मीटिंग हुई, लेकिन मुंह में राम और बगल में छुरी जैसी हालत है.
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किसानों का प्रदर्शन फिलहाल थमता हुआ नजर नहीं आ रहा है. नए कृषि संबंधी कानूनों को लेकर राजधानी पहुंचे किसान लगातार अपनी जिद पर अड़े हैं. इन्हें केन्द्र सरकार की तरफ से बकायदा बातचीत की पेशकश की गई. उसके बावजूद ये सभी प्रदर्शनकारी किसान अभी भी अपने अड़ियल रूख पर कायम हैं. सिंघु बॉर्डर पर प्रदर्शन कर रहे किसान ना तो दिल्ली के बुराड़ी ग्राउंड में आने को तैयार हैं और ना ही वहां से हटने को. इधर, केन्द्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि बातचीत हमेशा बिना शर्त और पूर्वाग्रही विचारों के होती है.
दिल्ली-हरियाणा स्थित सिंघु बॉर्डर पर सोमवार को किसान संगठनों की तरफ से आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भारतीय किसान यूनियन (दकौंद) के महासचिव जगमोहन सिंह ने कहा, "गृह मंत्री अमित शाह फोन पर बात कर रहे हैं, लेकिन उसमें कोई सच्चाई नहीं है. हमारे 30 संगठन की मीटिंग हुई, लेकिन मुंह में राम और बगल में छुरी जैसी हालत है."
We couldn’t have meeting with farmers' organisations from all the states. We could only have it with 30 organisations from Punjab. We rejected the conditional invitation of Modiji: Jagmohan Singh, General secretary, Bharti Kisan Union (Dakaunda) at Singhu Border (Delhi-Haryana) pic.twitter.com/NCZokz4gMQ
— ANI (@ANI) November 30, 2020
इधर, स्वराज इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सामाजिक कार्यकर्ता योगेन्द्र यादव ने कहा कि किसान आज देश में अपनी छाप छोड़ने के लिए उठ खड़े हुए हैं. उन्होंने कहा कि इस आंदोलन ने 5 झूठ का पर्दाफाश किया है. पहला ये आंदोलन किसानों का नही है, आप खुद चेक करे. दूसरा- किसानों को बरगलाने का काम किया जा रहा है..किसानों को सब पता है 3- सिर्फ पंजाब का आंदोलन है. यहां सब बैठे है..देश के कोने कोने से...उत्तराखंड से आए है... पंजाब के किसानों ने शुरुआत सभी किसानों के लिए की है. 4- इसकी कोई लीडरशिप नही है...30 संगठनो का समूह है, इतनी अच्छी लीडरशिप मैंने कभी नही देखी. 30 किसान संगठन हर रोज मिल रहे है. क्लियर लीडर शिप है. और 5-पॉलिटिकल पार्टी ने करवाया, हरियाणा का किसान हमारे साथ है, ये आंदोलन ऐतिहासिक आंदोलन है.
उधर, केन्द्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने लगातार किसानों की तरफ से बनाए जा रहे दबाव के बीच कहा कि हमारे सीनियर नेताओं ने बातचीत के लिए किसानों को बुलाया है और वास्तविक मुद्दे को सुलझान के लिए तैयार है.
Our senior leaders have invited farmers for talks & are willing to address genuine issues. Talks are always held without preconditions or preconceived notions. I firmly hope that all their genuine demands will be considered & issues will be resolved: Union Min Hardeep Singh Puri pic.twitter.com/LibPwe2aPR
— ANI (@ANI) November 30, 2020
हरदीप सिंह ने आगे कहा- बाचतीत हमेशा बिना शर्त और पूर्वाग्रह को होती है. मुझे पूरा भरोसा है कि उनकी सभी जायज मांगों पर विचार किया जाएगा और मुद्दों का समाधान किया जाएगा.
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