नई दिल्ली: IIT मंडी ने उच्च दक्षता वाले फेस मास्क का निर्माण ‘Vocal for our local’ की दिशा में किया है. IIT ने ‘Vocal for our local’ की दिशा में क़दम आगे बढ़ाते हुए Indian Institute of Technology (IIT) की मंडी शाखा ने अधिक गुणवत्ता वाले एक स्वदेशी फेस मास्क का निर्माण किया है.
IIT मंडी के शोध छात्रों और प्रोफेसर का दावा है कि ये फेस मास्क N 95 मास्क से कई गुणा बेहतर और सस्ता है. IIT मंडी के सहायक प्रोफेसर डा. सुमित सिंहा राय ने शोध छात्र आशीष ककोरिया और शेषनांग सिंह चंदेल के साथ मिलकर बेकार हो चुके प्लास्टिक के बोतल के इस्तेमाल से इस फेस मास्क को अंतिम रूप दिया है.
नए फेस मास्क की ख़ूबी शोधकर्ताओं का दावा है कि मास्क में मौजूद Nano Fibre membrane की दक्षता N 95 की तुलना में अधिक है और इस membrane यानी झिल्ली की परत इंसान के बाल से 250 गुणा ज़्यादा सूक्ष्म है. लैब टेस्ट बताता है कि मास्क में मौजूद nano woven membrane हवा में घूम रहे 0.3 diameter के कण को आसानी से रोक सकता है.
ऐसा करने में यह 98 % तक कारगर पाया गया है. हालांकि हवा में मौजूद इन कणों को पकड़ना बहुत मुश्किल काम है और ये आसानी से सांस की नली में दाख़िल हो सकते हैं.
आइये जानते है क्या होगी इस मास्क की क़ीमत?
Nano fibres की यह तकनीक बहुत कारगर साबित हो सकती है क्योंकि किसी भी फेस मास्क का काम हवा में मौजूद धूलकण और प्रदूषण को रोकना है. डा. सुमित सिंहा के मुताबिक सर्जिकल मास्क की तुलना में इसकी प्रतिरोधक क्षमता अधिक है और अभी इसकी क़ीमत सिर्फ़ 25 रूपए है जबकि व्यवसायिक निर्माण के वक़्त इसकी क़ीमत आधी हो जाने की संभावना है.
बताया जा रहा है कि अभी IIT को इसके व्यवसायिक निर्माण के लिए ICMR से अनुमति लेनी होगी. ICMR के सिफ़ारिश के बाद ही किसी भी नए मेडिकल उत्पादों के इस्तेमाल की इजाज़त दी जा सकती है. देश के संस्थान में हो रहे इस तरह के शोध और निर्माण को हमारे स्वदेशी निर्माण की अपील के रूप में देखा जा रहा है. हाल ही में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने घरेलू उत्पाद को बढ़ावा देने और उसे अपनाने की अपील की है.
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