Naxalites Encounter: भारत में नक्सलवाद के खिलाफ चल रहे अभियान को एक और बड़ी सफलता मिली है. ओडिशा और छत्तीसगढ़ के बॉर्डर क्षेत्र में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF), छत्तीसगढ़ के एसओजी (स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप) और ओडिशा पुलिस के ज्वाइंट ऑपरेशन के दौरान 14 नक्सलियों को मार गिराया गया. इस कार्रवाई में नक्सलियों के खिलाफ सुरक्षा बलों की ओर से की गई त्वरित और रणनीतिक कार्रवाई को एक बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है. इस ऑपरेशन में बड़ी संख्या में हथियार और बाकी सामग्री भी बरामद की गई जो नक्सली गतिविधियों को और बढ़ावा दे रही थी.


सुरक्षा बलों के इस संयुक्त ऑपरेशन में नक्सल आंदोलन का एक प्रमुख सरगना, जयराम चलपती को ढेर किया गया. जयराम को नक्सली हिडमा का गुरु माना जाता था और नक्सली गतिविधियों में उसकी अहम भूमिका थी. जानकारी के अनुसार जयराम पर 1 करोड़ रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था. सुरक्षा एजेंसियों के लिए जयराम की तलाश एक बड़ी चुनौती थी क्योंकि वह नक्सलवादी समूहों के लिए एक अहम रणनीतिक सोच के रूप में काम करता था. उसकी मृत्यु से न केवल छत्तीसगढ़ और ओडिशा बल्कि पूरे देश में नक्सलवादी आंदोलन को एक बड़ा झटका लगा है.


गृहमंत्री अमित शाह ने दी सुरक्षा बलों को बधाई


इस ऑपरेशन को सफल बनाने में छत्तीसगढ़, ओडिशा और तेलंगाना की राज्य सरकारों ने अहम भूमिका निभाई. इन तीनों राज्यों की पुलिस और सुरक्षा बलों ने मिलकर जयराम और उसके साथी नक्सलियों के खिलाफ लंबे समय से सख्त अभियान चलाया था. गृहमंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ट्वीट कर इस सफलता पर बधाई दी और सुरक्षा बलों की कड़ी मेहनत की सराहना की. उन्होंने कहा कि ये नक्सल मुक्त भारत के लक्ष्य की दिशा में एक और अहम कदम है.


जयराम की मौत से नक्सलियों को भारी झटका


भारत सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि देश को नक्सलवाद से पूरी तरह मुक्त किया जाए. ये ऑपरेशन उस दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है जो सुरक्षा बलों और सरकार के प्रयासों से नक्सलवाद के खात्मे की ओर बढ़ रहा है. जयराम की मौत के बाद अब नक्सलियों के मनोबल को भारी झटका लगेगा और उन्हें पुनः अपनी ताकत को संगठित करना मुश्किल होगा. सुरक्षा बलों की ये सफलता न केवल एक बड़ी सैन्य जीत है बल्कि ये देश के नागरिकों के लिए एक संदेश भी है कि नक्सलवाद का खात्मा अब बिल्कुल नजदीक है.


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