नई दिल्लीः सरकार के स्वच्छता सर्वे में इंदौर फिर एक बार सबसे साफ शहर बनकर सामने आया है. इसके बाद सफाई के मामले में भोपाल और चंडीगढ़ क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर आए हैं. पिछले साल भी स्वच्छता सर्वेक्षण में इंदौर और भोपाल पहले और दूसरे नंबर पर आए थे.
वहीं सरकार के स्वच्छता सर्वे 2018 में झारखंड को सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला राज्य घोषित किया गया है. इसके बाद दूसरे स्थान पर महाराष्ट्र है और तीसरे स्थान पर छत्तीसगढ़ को जगह मिली है. स्वच्छता सर्वे का मकसद देश भर के शहरों में स्वच्छता स्तर का आकलन करना है.
केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी ने आज ट्वीट कर इसका एलान किया. उन्होंने ट्वीट कर इंदौर और भोपाल के लोगों को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी. पुरी ने ये भी लिखा कि वो नतीजों से हैरान नहीं है और दूसरों को भी इसमें जगह पाने के लिए कोशिश करनी चाहिए.
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस मौके पर ट्वीट कर कहा कि 'स्वच्छता सर्वे में हमारे इंदौर और भोपाल ने श्रेष्ठता बरक़रार रखते हुए फिर से देशभर में पहला और दूसरा स्थान प्राप्त किया है. इन महानगरों के नागरिकों की जागरूकता, लगन और संकल्प के लिए अभिनन्दन और व्यक्त करता हूं.'
पिछले सर्वेक्षणों की तुलना में इस बार आम नागरिकों से मिली प्रतिक्रिया को खासा महत्व दिया गया था. इंदौर पिछले साल भी सबसे स्वच्छ शहर चुना गया था. उस समय सिर्फ 430 शहरों के लिए सर्वेक्षण कराया गया था लेकिन इस बार करीब 4200 शहरों को शामिल किया गया था. पुरी ने कहा कि सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले शहरों के नाम उस दिन घोषित किए जाएंगे जिस दिन पुरस्कार दिए जाएंगे.
केंद्र सरकार के "स्वच्छ सर्वेक्षण" में इंदौर के लगातार दूसरे साल शीर्ष स्थान पर रहने से बेहद खुश लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने इस उपलब्धि का श्रेय शहर के आम बाशिंदों को दिया है. महाजन इंदौर क्षेत्र की सांसद भी हैं. उन्होंने आज एक बयान में कहा, "इस सफलता में सहयोग और सहभागिता की इंदौरी संस्कृति का प्रमुख योगदान है. साफ-सफाई को लेकर स्थानीय बाशिंदों की जागरूकता ने देश भर में अलग पहचान बनायी है."
उन्होंने कहा कि सबसे स्वच्छ शहरों की सूची में इंदौर को शीर्ष पायदान पर बनाये रखने के लिये स्थानीय सफाई कर्मचारियों की जितनी भी प्रशंसा की जाये, कम है. स्थानीय प्रशासन ने भी इस सिलसिले में अपने स्तर पर कड़ी मेहनत की है.
इंदौर की महापौर मालिनी लक्ष्मणसिंह गौड़ भी शहर की कामयाबी पर फूली नहीं समा रही हैं. उन्होंने कहा कि साफ-सफाई की स्थिति जांचने के राष्ट्रीय सर्वेक्षण में इंदौर को सतत दूसरे साल प्रथम स्थान प्राप्त होने की उपलब्धि की जड़ में शहर की स्वच्छताप्रेमी जनता का सहयोग है.
उन्होंने कहा कि शहर की इस सफलता में स्थानीय जन प्रतिनिधियों और नगर निगम के अधिकारी-कर्मचारियों के अथक प्रयासों का भी विशेष योगदान है.