INS Ranvir Blast: साल 2022 में भारतीय नौसेना के युद्धपोत आईएनएस रणवीर पर हुए विस्फोट में तीन नौसैनिकों की मौत हो गई थी और 11 अन्य घायल हो गए थे. इस घटना के संबंध में अब 3 साल बाद कोलाबा पुलिस ने उस युद्धपोत पर गैस आपूर्ति करने वाली कंपनी के खिलाफ मामला दर्ज किया है.
सूत्रों ने बताया कि यह मामला भारतीय नौसेना के एक अधिकारी की शिकायत पर दर्ज किया गया है. नौसेना की जांच बोर्ड ने जांच के दौरान पाया कि गैस आपूर्ति करने वाली कंपनी ने फ्रीऑन कंडेंसर में आवश्यक R22 गैस के बजाय Freon R152a गैस की आपूर्ति की थी, जिससे जहाज के एसी कंपार्टमेंट में विस्फोट हुआ.
यह विस्फोट 18 जनवरी 2022 को करीब शाम 4:30 बजे से 5:00 बजे के बीच हुआ था, जब युद्धपोत डॉक पर था. उस समय, आईएनएस रणवीर पूर्वी नौसैनिक कमान से नवंबर 2021 से क्रॉस-कोस्ट ऑपरेशनल तैनाती पर था और अपने बेस पर लौटने वाला था.
लेफ्टिनेंट कमांडर की शिकायत पर दर्ज हुआ मामलापुलिस ने बताया कि यह मामला लेफ्टिनेंट कमांडर की शिकायत पर दर्ज किया गया, जो 2022 में जहाज पर सहायक इंजीनियर थे. लेफ्टिनेंट कमांडर ने अपनी शिकायत में बताया कि जब जहाज में विस्फोट हुआ, तो वे इंजन रूम में थे. जांच के दौरान, यह पता चला कि विस्फोट एसी कंपार्टमेंट में हुआ था, जहां एसी प्लांट को दो महीने से मेंटेनेंस के लिए बंद रखा गया था.
इस घटना से पहले, संपूर्ण गैस को एसी प्लांट के कंडेंसर में इकट्ठा किया गया था और सभी कंडेंसर वाल्व बंद थे. इसके अलावा, उस कंपार्टमेंट में कोई अन्य मशीनरी नहीं थी, जो विस्फोट का कारण बन सकती थी.
रिपोर्ट में सामने आई विस्फोट की वजहइस मामले में एक जांच बोर्ड गठित किया गया. फ्रीऑन कंडेंसर से गैस के सैम्पल जांच के लिए सेंटर फॉर फायर, एक्सप्लोसिव्स एंड एनवायर्नमेंटल सेफ्टी (CFEES), डीआरडीओ (नई दिल्ली), और आईआईटी पवई (मुंबई) को भेजे गए. जांच के बाद जो रिपोर्ट आई उसमे पता चला कि कंडेंसर में फ्रीऑन R152a गैस थी, जबकि इसमें फ्रीऑन R22 गैस होनी चाहिए थी. अजय एयर प्रोडक्ट्स (प्रा.) लि. के पास गैस की आपूर्ति का ठेका था. बता दें कि विस्फोट के समय तीन नौसैनिक एसी कंपार्टमेंट के ऊपर स्थित यूनिट में मौजूद थे. कृष्ण कुमार (MCPO I), सुरिंदर कुमार (MCPO II) और एके सिंह (MCPO II) की इस हादसे में मौत हो गई थी.
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