Lok Sabha Election: 'कांग्रेस के बिना कोई भी मोर्चा असंभव', अखिलेश यादव-ममता बनर्जी के बयान के बीच बोले जयराम रमेश
Congress News: जयराम रमेश ने साफ कहा कि बिना कांग्रेस के कोई भी विपक्षी मोर्चा तैयार नहीं हो सकता. उन्होंने 2024 पर बाद में रणनीति तैयार करने की बात कही.

Jairam Ramesh Interview: अखिलेश यादव और ममता बनर्जी ने मिलकर तीसरे मोर्चे की नींव रख दी है, इसमें कांग्रेस से कोई रायशुमारी नहीं की गई है. इस तरह से वे गैर-बीजेपी और गैर-कांग्रेसी मोर्चा तैयार करने की कोशिश कर रहे हैं. अब इस पर कांग्रेस नेता जयराम रमेश की प्रतिक्रिया भी सामने आ चुकी है. पीटीआई भाषा से बात करते हुए उन्होंने कहा, "अगर विपक्ष का कोई गठबंधन बनता है, तो उसमें कांग्रेस की मुख्य भूमिका होगी."
जयराम रमेश ने कहा, "टीएमसी, समाजवादी पार्टी या अन्य दलों के लोग मिलते रहेंगे. थर्ड फ्रंट-फोर्थ फ्रंट बनता रहेगा, लेकिन विपक्ष में कांग्रेस का होना जरूरी है." उन्होंने कहा, "कांग्रेस के बिना कोई भी मोर्चा असंभव है. लेकिन, इस बारे में बात करना बहुत जल्दबाजी है. अभी कर्नाटक का चुनाव है, उसके बाद तेलंगाना, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान और मिजोरम के चुनाव हैं."
'2024 पर बाद में बनेगी रणनीति'
विपक्षी एकता पर उन्होंने कहा, "इस साल हम पूरी तरह से राज्यों के विधानसभा चुनाव में व्यस्त रहेंगे, 2024 के लोकसभा चुनाव के बारे में हम बाद में देखेंगे. अभी तो बैठकें होती रहेंगी, पोजीशनिंग होती रहेगी कि मैं थर्ड फ्रंट करूंगा, मैं फोर्थ फ्रंट करूंगी, मैं फिफ्थ फ्रंट करूंगा, ये सब चलता रहेगा." तीसरे मोर्चे की इस कवायद पर कांग्रेस नेता ने कहा, "2024 के चुनाव के बारे में जो भी रणनीति तैयार करनी है, पार्टियों से बातचीत करनी है, वो हमारे अध्यक्ष मलिकार्जुन खरगे और हमारे वरिष्ठ नेता करेंगे."
'जेपीसी की मांग में 16 दल साथ'
उन्होंने आगे कहा, "किसी भी विपक्षी गठबंधन में मजबूत कांग्रेस का होना जरूरी है, लेकिन कांग्रेस की प्राथमिकता फिलहाल कर्नाटक चुनाव और फिर अन्य राज्यों के चुनाव हैं." जेपीसी की मांग पर विपक्ष में मतभेद को लेकर कांग्रेस नेता ने कहा, "मतभेद नहीं है. NCP ने ईडी को भेजे गए पत्र पर हस्ताक्षर नहीं किया था. उन्होंने इस बारे में पहले ही बता दिया था कि वे इसके समर्थन में हैं, लेकिन वे पत्र पर हस्ताक्षर नहीं कर सकते. 16 पार्टियां हैं, जो एकजुट होकर जेपीसी की मांग कर रही हैं."
टीएमसी पर क्या बोले जयराम रमेश?
ममता बनर्जी को लेकर जयराम रमेश ने साफ कहा, "टीएमसी हमारे साथ नहीं है, उनके अपने कारण होंगे. हम उस बारे में कुछ नहीं कहेंगे." जेपीसी की मांग को लेकर उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री जेपीसी का गठन करने में क्यों हिचकिचा रहे हैं? अगर कुछ छिपाना नहीं है, नीयत साफ है, तो प्रधानमंत्री जेपीसी का गठन करें." उन्होंने कहा, "आखिर इस जेपीसी में अध्यक्ष बीजेपी का होगा, उनकी पार्टी के सदस्यों की संख्या भी ज्यादा होगी, फिर सत्ता पक्ष को इतनी घबराहट क्यों है?"
संसद में हंगामे को बीजेपी बौखलाहट बताया
लंदन में राहुल गांधी के बयान पर संसद में मचे बवाल को कांग्रेस नेता ने बीजेपी की बौखलाहट बताई. जयराम रमेश ने कहा, "बीजेपी बौखलाई है, क्योंकि भारत जोड़ो यात्रा की सफलता से न सिर्फ कांग्रेस, बल्कि राहुल गांधी की छवि में भारी परिवर्तन आया है. यह यात्रा हमारे लिए और हमारे संगठन के लिए बूस्टर डोज साबित हुई है. लोग राहुल गांधी जी को नए नजरिए और अंदाज से देख रहे हैं. इसलिए राहुल गांधी जी और कांग्रेस को बदनाम करने के लिए यह प्रयास फिर से किया जा रहा है."
राहुल गांधी के बयान का बचाव किया
राहुल गांधी के बयान पर उन्होंने कहा, "राहुल गांधी जी के बयान का वीडियो है, आप उसे सुन सकते हैं, देख सकते हैं. उन्होंने कभी ऐसा नहीं कहा, हस्तक्षेप शब्द का इस्तेमाल नहीं किया. उन्होंने सिर्फ यही कहा कि हमारे देश में लोकतंत्र मजबूत होना चाहिए, अगर भारत में लोकतंत्र मजबूत होगा, तो इसका फायदा न सिर्फ भारत को, बल्कि पूरी दुनिया को होगा. जो लोग इल्जाम लगा रहे हैं, वे पूरी तरह से झूठ बोल रहे हैं. यह सिर्फ ध्यान भटकाने की कोशिश है. राहुल गांधी ने कभी ऐसा कोई बयान दिया ही नहीं."
ममता ने राहुल पर क्या कहा था?
इससे पहले पश्चिम बंगाल की सीएम और टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी ने राहुल गांधी पर निशाना साधा था. उन्होंने कहा था कि यदि राहुल गांधी विपक्ष के लीडर बने रहे तो नरेंद्र मोदी को कोई नहीं हरा सकता. पीएम मोदी के लिए राहुल गांधी टीआरपी की तरह हैं. उन्होंने कहा, "बीजेपी चाहती है राहुल गांधी विपक्ष का चेहरा बने रहें, नहीं तो जो उन्होंने बाहर कहा था उसको लेकर संसद में हंगामा क्यों किया?"
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Source: IOCL

























