जहानाबाद बैंक मैनेजर हत्या मामला: दो दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली
बिहार के जहानाबाद में दिन दहाड़े आलोक चंद्रा नाम के एक बैंक मैनेजर की हत्या कर दी गई थी लेकिन अभी तक आरोपी पुलिस के गिरफ्त से बाहर हैं.

जहानाबाद: दो दिन पहले बिहार के जहानाबाद में दिन दहाड़े आलोक चंद्रा नाम के एक बैंक मैनेजर की हत्या कर दी गई थी लेकिन अभी तक आरोपी पुलिस के गिरफ्त से बाहर हैं. दो दिन बाद भी बिहार पुलिस आरोपियों को पकड़ने में नाकाम रही. आलोक चंद्रा अरवल बैंक ऑफ बड़ौदा में मैनेजर के पद पर कार्यरत थे.
बता दें कि नवादा जिले के कुटरी गांव के रहने वाले आलोक चंद्रा जहानाबाद में ही किराए के मकान में अपनी पत्नी और बेटे के साथ रहते थे. शनिवार को काम खत्म करने के बाद आलोक अपने गांव गए थे और सोमवार को ऑफिस आने के लिए अपनी बाईक से अरवल लौट रहे थे. आलोक जैसे ही जहानाबाद टाउन से तक़रीबन 10 किलोमीटर दूर नेहालपुर डाइवर्ज़न पर पहुंचे, यहां पहले से ही घात लगाकर बैठे एक बाइक सवार तीन हमलावरों ने आलोक पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी. इससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई.
बताया जा रहा है कि हमलावरों ने इस जगह को इसलिए चुना था क्योंकि यहां डायवर्जन होने के कारण गाड़ियों की रफ्तार धीमी हो जाती है. हमलावरों को पता था कि आलोक चंद्रा को भी अपनी बाइक की स्पीड धीरे करनी पड़ेगी. हालांकि अभी तक ये पता नहीं लग पाया है कि आखिर इस हत्या की वजह क्या थी?
आलोक चंद्रा की हत्या से बैंक कर्मचारी बेहद उदास हैं. जॉइंट मैनेजर राजेश कुमार ने एबीपी न्यूज़ से कहा, "आलोक चंद्रा का किसी से भी कोई मन-मुटाव नहीं था क्योंकि वो बेहद ही सीधे-साधे आदमी थे." उनके सहयोगियों ने बताया कि आलोक चंद्रा ईमानदार व्यक्ति थे और पिछले साल अरवल के बैंक ऑफ बड़ौदा में बतौर ब्रांच मैनेजर नियुक्त होने के बाद से ही उन्होंने बैंक में होने वाली अनियमितताओं पर पूरी तरह से लगाम लगा दी थी.
वहीं आलोक चंद्रा के मकान मालकिन ललिता देवी ने बताया कि वे पिछले एक साल से उनके यहां रह रहे थे लेकिन कभी किसी से लड़ाई झगड़ा नहीं हुआ. ललिता देवी ने बताया कि आलोक चंद्रा काफी अच्छे इंसान थे और उनकी किसी से भी दुश्मनी नहीं थी.
इस हत्या कांड के बाद जहानाबाद, अरवल और नवादा तीन जिलों की पुलिस इस मामले की जांच कर रही है लेकिन इसके बावजूद अभी तक किसी की भी गिरफ़्तारी नहीं हुई है. जहानाबाद के एसपी मनीष के मुताबिक पुलिस ने कुछ संदिग्धों की पहचान की है और अलग-अलग तरीके से जांच की जा रही है.
एबीपी न्यूज़ को पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक हत्या के पीछे सबसे अहम सम्भावित कारण पिछले साल तीन सीएसपी सेंटर्स को बंद किया जाना है. दरअसल अरवल जिला के करपी प्रखंड के बिलखारा गांव निवासी दीपक शर्मा पर पिछले साल इंदिरा आवास की 7 लाख की राशि गबन करने का आरोप लगा था जिसके बाद तत्कालीन बीडीओ चंद्रमोहन कुमार ने दीपक शर्मा, उनकी पत्नी रिंकी कुमारी और भाई राहुल कुमार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई और तीनों के नाम पर चलने वाले सीएसपी सेंटर्स को बंद कर दिया गया. इस मामले में बैंक मैनेजर आलोक चंद्रा ने भी पुलिस का पूरा सहयोग किया.
ट्रेंडिंग न्यूज
टॉप हेडलाइंस
