Joshimath Sinking: जोशीमठ में LAC की तरफ जाने वाली सड़क को कितना नुकसान, सेना की तैयारियों पर क्या असर? आर्मी चीफ ने दिया जवाब
Joshimath Sinking: जोशीमठ और उसके आसपास का इलाका भारतीय सेना के लिए रणनीतिक तौर पर काफी अहम है, क्योंकि यहां से चीन की सीमा कुछ ही दूरी पर है.
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Joshimath Sinking: उत्तराखंड के जोशीमठ में फिलहाल हालात ठीक नहीं हैं, यहां सैकड़ों घरों में दरारें आने के बाद अब राहत बचाव का काम तेजी से किया जा रहा है. इसी बीच एलएसी की तरफ जाने वाली सड़क को लेकर भी चिंता जताई जा रही है. अब इसे लेकर थलसेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे की तरफ से बयान सामने आया है, जिसमें उन्होंने ये साफ किया है कि एलएसी की तरफ जाने वाली सड़क को ज्यादा नुकसान नहीं पहुंचा है, इसीलिए चिंता करने की बात नहीं है.
सेना की तैयारियों पर कोई असर नहीं
भारतीय सेना के चीफ मनोज पांडे ने जोशीमठ को लेकर और भी जानकारी साझा की. जिसमें उन्होंने ये भी बताया कि जोशीमठ में स्थित सेना की इमारतों को भू-धंसाव से कितना नुकसान पहुंचा है. आर्मी चीफ ने कहा, "सेना की 25-28 इमारतों में मामूली दरार आई हैं. वहां से सैनिकों को दूसरी जगह भेज दिया गया है. इस घटना से जो एलएसी पर जाने वाली सड़क पर खास असर नहीं पड़ा है. हमारी ऑपरेशन्ल तैयारियों पर कोई असर नहीं पड़ेगा. अगर सिविलियंस को जरूरत हुई तो हम उन्हें अपनी लोकेशन पर ला सकते हैं."
बता दें कि जोशीमठ और उसके आसपास का इलाका भारतीय सेना के लिए रणनीतिक तौर पर काफी अहम है, क्योंकि यहां से चीन की सीमा कुछ ही दूरी पर है. भारतीय सेना की एक बड़ी टुकड़ी हमेशा जोशीमठ में तैनात रहती है. इसके अलावा औली और उसके आसपास सेना कई तरह के युद्धाभ्यास भी करती है. जोशीमठ में आई आपदा के बाद सेना के तमाम बडे़ अधिकारियों की नजरें इस पर टिकी हैं.
रक्षा मंत्री बोले- समाधान निकालने की हो रही कोशिश
सेना प्रमुख के अलावा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी जोशीमठ को लेकर जवाब दिया. लखनऊ में उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की सरकार जोशीमठ पर समाधान निकालने का प्रयास कर रही है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इसको देख रहे हैं. केंद्र सरकार भी पूरा सहयोग कर रही है. मैंने रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट को वहां भेजा था, आगे जरूरत पड़ी तो वहां जाएंगे.
जोशीमठ में पुर्नवास का काम शुरू
जोशीमठ शहर के कई मकानों में भू-धंसाव के चलते बड़ी दरारें आने के बाद उन्हें खाली कराया जा रहा है. ज्यादातर मकान ऐसे हैं, जिन्हें खाली करा दिया गया है. इन लोगों को सरकार की तरफ से फिलहाल 1.5 लाख रुपये की सहायता दी जा रही है, इसके बाद उन्हें मकान और दुकानों का मुआवजा देने की भी बात कही गई है. फिलहाल स्थानीय लोग लगातार मुआवजे को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं. इसके साथ ही राज्य के मुख्यमंत्री भी जोशीमठ में अधिकारियों के साथ बैठकें कर रहे हैं.
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