कर्नाटक के पूर्व स्पीकर चंद्रेगौड़ा का निधन, पीएम मोदी ने जताया दुख, कहा- उनके कार्यों ने अमिट छाप छोड़ी
Daradahalli Byregowda Chandregowda Demise: कर्नाटक के पूर्व स्पीकर दारादाहल्ली बायरेगौड़ा चंद्रेगौड़ा का मंगलवार (7 नवंबर) को चिकमगलुरु में 87 साल की उम्र में निधन हो गया.

Daradahalli Byregowda Chandregowda: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार (7 नवंबर) को कर्नाटक विधानसभा के पूर्व स्पीकर दारादाहल्ली बायरेगौड़ा चंद्रेगौड़ा के निधन पर दुख जताया. दारादाहल्ली बायरेगौड़ा चंद्रेगौड़ा ने 87 साल की उम्र में कर्नाटक के चिकमगलुरु जिले में अंतिम सांस ली. चंद्रेगौड़ा विधायक और एमएलसी होने के अलावा तीन बार लोकसभा सांसद भी रह चुके थे. उनका राजनीतिक करियर कई दशकों का था और वह राज्य के वरिष्ठ नेता थे.
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'डीबी चंद्रेगौड़ा जी के निधन को जानकर दुख हुआ. उन्होंने एक दिग्गज, सांसद, विधायक और कर्नाटक मंत्री के तौर पर अपने व्यापक अनुभव से एक अमित छाप छोड़ी है.' पीएम ने आगे कहा, 'हमारे संविधान के बारे में उनकी गहरी समझ और सामुदायिक सेवा के प्रति प्रतिबद्धता उल्लेखनीय थी.' चंद्रगौड़ा का जन्म 26 अगस्त, 1936 को कर्नाटक के चिकमगलुरु जिले के मुदिगेरे तालुक के दारादहल्ली में हुआ था.
"Anguished by the passing away of DB Chandregowda Ji. A stalwart of public service, his extensive experience as MP, MLA, and Minister in Karnataka has left an indelible mark. His deep understanding of our Constitution and commitment to community service were noteworthy," tweets… https://t.co/32cAf5gVzr pic.twitter.com/qnG6c9jcys
— ANI (@ANI) November 7, 2023
कैसा था राजनीतिक करियर?
समाचार एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक, दारादाहल्ली बायरेगौड़ा चंद्रेगौड़ा का राजनीतिक करियर काफी लंबा था, जिसमें उन्होंने विभिन्न राजनीतिक दलों के साथ काम किया. वह तीन बार के विधायक, एक बार एमएलसी और तीन बार लोकसभा सदस्य भी रह चुके थे. वह पहली बार 1971 में चिकमगलुरु जिले से जीत कर लोकसभा पहुंचे थे. उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर यहां से चुनाव जीता था. इसके बाद वह 1977 में एक बार फिर से यहां से चुनाव जीतकर लोकसभा पहुंचे.
1978 में उन्होंने लोकसभा से से इस्तीफा दे दिया था, ताकि चिकमगलुरु से पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का चुनाव लड़ने का रास्ता साफ हो सके. फिर यहां पर उपचुनाव हुए और उसने आपातकाल के बाद कांग्रेस को एक बेहद जरूरी बूस्ट दिया. वह 1978 से 1983 तक कांग्रेस विधायक भी रहे. बाद में वह जनता दल में शामिल हो गए. चंद्रेगौड़ा 1983 से 1985 तक थिरथल्ली विधान सभ क्षेत्र से जनता दल का प्रतिनिधित्व करते हुए तीन बार राज्य विधान सभा भी पहुंचे.
हालांकि, कुछ वक्त बाद वह कांग्रेस में लौट आए. इसके बाद चंद्रेगौड़ा ने 1999 में कांग्रेस के टिकट पर श्रृंगेरी कंसल्टेंसी से चुनाव जीतकर राज्य विधानसभा पहुंचे. 2009 में, चंद्रेगौड़ा ने बेंगलुरू उत्तर संसदीय क्षेत्र से चुनाव लड़ा और बीजेपी का प्रतिनिधित्व करते हुए लोकसभा में पहुंचे.
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