बेंगलुरु: कर्नाटक विधानसभा ने कोविड-19 महामारी के खिलाफ लड़ाई के लिये वित्तीय संसाधनों को बढ़ाने के उद्देश्य से मंगलवार को प्रदेश के विधायकों के वेतन में एक साल के लिये 30 प्रतिशत की कटौती का प्रस्ताव पारित किया.


इस कदम से 16 से 18 करोड़ रुपये की बचत होने की उम्मीद
विधि एवं संसदीय कार्य मंत्री जी सी मधुस्वामी ने इस बदलाव के लिये सदन में ‘कर्नाटक विधायक वेतन, पेंशन, भत्ते और अन्य भत्ते (संशोधन) अध्यादेश,2020’ पेश करते हुए कहा कि इससे 16 से 18 करोड़ रुपये की बचत होने की उम्मीद है.


मधुस्वामी ने विधानसभा को बताया, “कोविड-19 के मद्देनजर हमने अपने दल और विपक्ष के नेताओं, मंत्रियों, विधायकों, विधान पार्षदों, प्राधिकारों के प्रमुखों, विधानसभा अध्यक्ष और उपाध्यक्ष से चर्चा की कि हमें 30 प्रतिशत वेतन कटौती के लिये सहमत होना चाहिए.”


इस कदम की सराहना करते हुए अरकलगुड से जद(एस) विधायक ए टी रामास्वामी ने यह बताने की मांग की कि सरकार ने कैसे महामारी के समय जब राज्य वित्तीय संकट का सामना कर रहा है, न्यायिक अधिकारियों की वेतन वृद्धि का फैसला लिया.


विधायक ए टी रामास्वामी ने कहा- हमारा दायित्व है कि राहत कर्मियों तक मदद पहुंचे


रामास्वामी ने कहा, “कोरोना वायरस के दौरान राज्य आर्थिक मुश्किलों का सामना कर रहा है. हमारा दायित्व है कि राहत कर्मियों तक मदद पहुंचे. यह कानून सभी पर लागू होना चाहिए या सिर्फ विधायकों पर.”


इस पर मधुस्वामी ने कहा कि वह तत्काल जवाब देने की स्थिति में नहीं हैं क्योंकि उन्हें अभी तथ्यों की जानकारी नहीं है. उन्होंने हालांकि रामास्वामी को आश्वस्त किया कि वह सूचना जुटाकर उन्हें जानकारी उपलब्ध करा देंगे.


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