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Lockdown 4: केंद्र ने कहा- गाइडलाइन में शामिल प्रतिबंधों में ढील नहीं दे सकते राज्य

लॉकडाउन के चौथे चरण में सरकार ने कोरोना से बचने के लिए सुरक्षा घेरा और बढ़ा दिया है. अभी तक देश के अलग-अलग इलाकों को रेड, ऑरेंज, ग्रीन और कंटेनमेंट जोन में बांटा गया था. लेकिन इस बार एक बफर जोन बनाने की भी बात कही गई है.

नई दिल्ली: देश में कोरोना वायरस संक्रमण को फैलने से रोकने के लिये लागू लॉकडाउन 31 मई तक के लिये बढ़ा दिया गया है. लॉकडाउन 4.0 में तमाम तरह की रियायतें दी गई हैं जो इसके पहले के चरणों में नहीं दी गई थीं. इन सबके बीच सरकार का कहना है कि व्यापक पैमाने पर रियायत के बावजूद राज्य और केंद्र शासित प्रदेश लॉकडाउन की गाइडलाइनों में शामिल प्रतिबंधों में ढील नहीं दे सकते हैं.

गृह मंत्रालय ने कहा कि लॉकडाउन-4 में प्रतिबंधों में काफी ढील दी गई है. राज्य और केंद्र शासित क्षेत्र ग़ह मंत्रालय की गाइडलाइन में शामिल प्रतिबंधों में ढील नहीं दे सकते हैं. मंत्रालय की करफ से कहा गया कि राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को अन्य गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाने और अधिक प्रतिबंध लगाने की अनुमति दी गई है. राज्यों को उनके कोविड-19 के मामलों की संख्या को देखते हुए रेड, ग्रीन और ऑरेंज जोन में श्रेणीबद्ध करने के अधिकार दिये गये हैं, जिसकी कई राज्यों के मुख्यमंत्री मांग कर रहे थे.

राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को दिए गए संदेश में केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने कहा कि 11 मई को मुख्यमंत्रियों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आयोजित एक वीडियो कांफ्रेंस के बाद राज्यों के विचार और सहमति लेने के बाद लॉकडाउन के चौथे चरण के लिए दिशानिर्देश जारी किए गए थे. उन्होंने कहा, ‘‘जैसा कि मेरे पहले के पत्रों में स्पष्ट किया गया है, मैं फिर से दोहराना चाहूंगा कि राज्य और केंद्रशासित प्रदेश एमएचए द्वारा जारी किए गए दिशा-निर्देशों को कम या उनमें बदलाव नहीं कर सकते हैं. स्थिति के आकलन के आधार पर राज्य और केंद्र शासित प्रदेश, विभिन्न क्षेत्रों में कुछ अन्य गतिविधियों को प्रतिबंधित कर सकते हैं.” भल्ला ने रविवार रात मुख्य सचिवों को लिखे अपने पत्र में कहा, ‘‘मैं आपसे आग्रह करूंगा कि नए दिशानिर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करें और सभी संबंधित अधिकारियों को उनके सख्त कार्यान्वयन के लिए निर्देशित करें.’’ वो सुरक्षा घेरा जिसमें देश को बांटा गया है.....

- रेड जोन - ग्रीन जोन - ऑरेंज जोन - कंटेनमेंट जोन - बफर जोन

केंद्र ने राज्यों को एक चिट्ठी लिखी है उसमें जोन बंटवारे के बारे में साफ साफ लिखा गया है. रेड, ऑरेंज और ग्रीन जोन तय करने का अधिकार राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को होगा. जबकि कंटेनमेंट जोन और बफर जोन का फैसला जिला प्रशासन करेगा.

कंटेनमेंट और बफर जोन... रेड और ऑरेंज जोन के दायरे में आएगा. मतलब ये इलाके वो होंगे जहां कोरोना के मामले सामने आ चुके हैं. केंद्र की गाइडलाइंस में साफ है कि कोरोना के बढ़ते मामलों के आधार पर कंटेनमेंट जोन का फैसला होगा. इसके अलावा केंद्र ने ये छूट दी है कि रेड, ऑरेंज और ग्रीन जोन को लेकर राज्य सरकारें अपने हिसाब से पाबंदी बढ़ा सकते हैं.

अबतक 90 हजार 927 लोग कोरोना वायरस से संक्रमित 

स्वास्थ्य मंत्रालय के ताजा आंकड़ों को मुताबिक देश में अबतक 90 हजार 927 लोग कोरोना वायरस संक्रमित हो चुके हैं. वहीं 2872 लोगों की मौत हो चुकी है. 34 हजार 109 लोग ठीक भी हुए हैं.

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