Lok Sabha Elections: 'भाषा पर रखें काबू', चंद्रबाबू नायडू और जगन मोहन रेड्डी के चुनावी बयानों पर सख्त हुआ ECI
Lok Sabha Elections 2024: चुनाव आयोग ने दोनों ही नेताओं पर आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन करने का आरोप लगाया है. आयोग ने चंद्र बाबू नायडू को भविष्य में अपने बयानों में सावधानी बरतने के के निर्देश दिए.
Lok Sabha Elections 2024: चुनाव आयोग ने पूर्व सीएम और टीडीपी प्रमुख एन चंद्रबाबू नायडू को आंध्र प्रदेश के सीएम जगन मोहन रेड्डी के खिलाफ अपने भाषणों में सावधानी बरतने का निर्देश दिया. इस दौरान आयोग ने टीडीपी प्रमुख चंद्रबाबू नायडू और वाईएसआरसीपी प्रमुख और आंध्र प्रदेश के सीएम वाईएस जगनमोहन रेड्डी की निंदा की है.
चुनाव आयोग ने दोनों ही नेताओं पर आदर्श आचार संहिता (एमसीसी) के उल्लंघन करने का आरोप लगाया है. इस बीच चुनाव आयोग ने अपने आदेश में कहा है कि नारा चंद्र बाबू नायडू को एमसीसी उल्लंघनों से जुड़े मामले में जारी किए जाने वाले किसी भी आदेश/नोटिस पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना चंद्र बाबू नायडू की कड़ी निंदा करता है. इसके साथ ही चंद्र बाबू नायडू को भविष्य में अपने सार्वजनिक बयानों में सावधान रहने के निर्देश दिए गए हैं.
चुनाव आयोग ने CM जगन रेड्डी की निंदा की
इस दौरान चुनाव आयोग ने वाईएसआरसीपी प्रमुख और आंध्र प्रदेश के सीएम वाईएस जगनमोहन रेड्डी की निंदा की. साथ ही आयोग ने अपने आदेश में कहा है कि सीएम 'वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी के आदर्श आचार संहिता उल्लंघनों से जुड़े मामले में, यह पाया गया कि राजनीतिक चर्चा के दौरान दिए गए बयान मुख्यमंत्री के उच्च सार्वजनिक पद पर बैठे नेता के अनुरूप नहीं हैं. ऐसे में आयोग वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी की कड़ी निंदा करता हैं.
इसके साथ ही चुनाव आयोग वाईएसआरसीपी अध्यक्ष को भविष्य में अपने सार्वजनिक बयानों में सावधानी बरतने का निर्देश देता है.
Election Commission of India directs Former CM and TDP chief N Chandrababu Naidu to be careful with his speeches against Andhra Pradesh CM Jagan Mohan Reddy: Election Commission of India
— ANI (@ANI) May 6, 2024
13 मई को होंगे आंध्र प्रदेश में विधानसभा और लोकसभा चुनाव
गौरतलब है कि, आंध्र प्रदेश में विधानसभा और लोकसभा चुनाव 13 मई को चौथे चरण में होने हैं, जबकि,वोटों की गिनती 4 जून को होगी. दरअसल, आंध्र प्रदेश विधानसभा में 175 सीटें हैं और सरकार बनाने के लिए किसी भी पार्टी को कम से कम 88 सीटों की जरूरत पड़ेगी. साल 2014 के विधानसभा चुनावों में चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व वाली टीडीपी ने 102 सीटों के बहुमत के साथ जीत हासिल की थी. जबकि, जगन मोहन रेड्डी के नेतृत्व वाली वाईएसआरसीपी ने 67 सीटें जीतीं थी.