Maha Vikas Aghadi: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) प्रमुख शरद पवार के 23 अप्रैल को दिए एक बयान ने महाराष्ट्र में सियासी सरगर्मी बढ़ा दी है. बयान के बाद महा विकास अघाड़ी के भविष्य को लेकर सवाल उठने लगे तो अगले दिन ही पवार ने सफाई दी और कहा कि उनके बयान का गलत मतलब निकाल लिया गया. पवार ने कहा कि वह हमेशा से महा विकास अघाड़ी की एकता के पक्ष में हैं लेकिन जो ताजा खबर आ रही है, उससे ऐसा लगता तो नहीं है. खबर है कि शरद पवार 1 अप्रैल को होने वाली महा विकास अघाड़ी की रैली से किनारा कर सकते हैं.
रविवार (23 अप्रैल) को अमरावती के एक कार्यक्रम में एनसीपी नेता ने अघाड़ी गठबंधन को लेकर कहा था, आज हम साथ में हैं और हमारी इच्छा है कि साथ में चुनाव लड़ें लेकिन सिर्फ इच्छा होने से क्या होता है. उन्होंने आगे कहा, कई प्रक्रिया होती है. सीट बंटवारे का मुद्दा होता है. पार्टियों के विषय हैं तो अभी कैसे कह सकते हैं कि हम साथ में चुनाव लड़ेंगे?
अटकलों के बाद पवार की सफाई
इस बयान के बाद जब अटकलों का दौर शुरू हुआ तो सोमवार को शरद पवार ने सफाई देते हुए बताया कि उन्होंने कहा था कि सीटों के बंटवारे पर कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है. मुझे पूरा विश्वास है कि 2024 के लोकसभा और विधानसभा चुनाव में गठबंधन रहेगा. उन्होंने कहा कि वह बीजेपी विरोध दलों को एकजुट करने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे.
रैली में नहीं शामिल होंगे पवार
पवार ने बयान भले दे दिया है लेकिन सब ठीक हुआ नहीं है. अब खबर है कि वह विपक्ष की रैलियों से दूर रह सकते हैं. इस बीच TOI ने एक सीनियर एनसीपी नेता के हवाले से लिखा है कि शरद पवार महा विकास अघाड़ी की रैलियों में शामिल नहीं होंगे. इसमें मुंबई में होने वाली रैली भी शामिल हैं. इन रैलियों में क्षेत्रीय नेताओं के पहुंचने वाले हैं.
सीएम शिंदे ने कहा था 'अहम बयान'
शरद पवार टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए महाराष्ट्र के सीएम एकनाथ शिंदे ने इसे अहम बयान बताया था. शिंदे ने कहा था कि "शरद पवार साहब बड़े ही अनुभवी नेता हैं. उनका ये बयान महत्वपूर्ण हैं. वह जो कहते हैं कि उसमें गंभीरता होती है. जिसको जो सोचना है वो सोचे. मैं इतना ही कहूंगा."
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