Mahakumbh Stampede: महाकुंभ में संगम तट पर मंगलवार-बुधवार रात करीब एक बजे भगदड़ मच गई. एक दर्जन से ज्यादा लोगों के मारे जाने की सूचनाएं हैं. घायलों की संख्या बहुत ज्यादा है और इनमें से कई गंभीर रूप से भी घायल है. हादसे के बाद की जो तस्वीरें सामने आ रही हैं, वह विचलित करने वाली हैं. फिलहाल, पूरे प्रयागराज ही नहीं बल्कि प्रयागराज के बाहर भी प्रशासन अलर्ट पर है. सीएम योगी से लेकर पीएम मोदी तक हालातों पर नजर बनाए हुए हैं. 10 पॉइंट्स में समझें इस भगदड़ की पूरी कहानी...


1. आज यानी मौनी अमावस्या पर महाकुंभ का दूसरा शाही स्नान होना था, लेकिन एक दिन पहले ही प्रयागराज में अनुमान से ज्यादा भीड़ पहुंच गई. आंकड़ों की मानें तो मंगलवार (28 जनवरी) को ही करीब 5 करोड़ लोग प्रयागराज में पहुंच चुके थे. मंगलवार रात से ही भीड़ इतनी थी कि लोगों को जहां जगह मिल रही थी, वहां आराम कर रहे थे. संगम तट पर भी यही हाल थे.


2. प्रत्यक्षदर्शियों ने अलग-अलग बातें बताई हैं. किसी ने कहा कि पुलिसवालों ने शाही स्नान की तैयारी करने के लिए संगम पर लेटे लोगों को जल्दी-जल्दी उठाना शुरू किया, इससे भगदड़ की अफवाह फैली और हादसा हुआ तो किसी ने बताया कि भीड़ बहुत ज्यादा थी तो कुछ लोगों का दम घुटने लगा और वे बेहोश होने लगे, इस वजह से भगदड़ के हालात बने. किसी ने यह भी कहा कि लोगों को संगम तट पर जाने से रोका जा रहा था, उन्हें दूसरे तटों पर स्नान के लिए भेजा जा रहा था, लेकिन भीड़ संगम पर ही स्नान के लिए अड़ी हुई थी. ऐसे में बैरियर टूटा और भगदड़ मच गई. प्रशासनिक अधिकारी का बयान भी कुछ ऐसा ही है. कुंभ मेला की OSD अकांक्षा राणा ने बताया है संगम नोज पर भीड़ के कारण बैरियर टूटने के बाद भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हुई.


3. हादसे के ठीक बाद संगम से जो तस्वीरें आई, उनमें श्रद्धालुओं के कपड़े, बैग, जूते-चप्पल तितर-बितर पड़े हुए नजर आ रहे हैं. अस्पतालों की तस्वीरें और ज्यादा डरावनी है. यहां फर्श पर शव साफ तौर पर देखे जा सकते हैं. बड़ी संख्या में घायल भी नजर आ रहे हैं.


4. हादसे की खबर मिलते ही एक के बाद एक एंबुलेंस संगम तट पर पहुंचने लगी. शुरुआत में भीड़ के कारण एंबुलेंस को घटना स्थल तक पहुंचने और फिर घायलों को अस्पताल तक पहुंचाने में वक्त लगा लेकिन कुछ ही देर में एंबुलेंस के लिए कॉरिडोर बना लिया गया. तकरीबन 50 एंबुलेंस से घायलों को अस्पताल ले जाया गया. एंबुलेंस में बैठे स्टाफ से बात करने पर पता चला कि कुछ लोग घटना स्थल पर ही दम तोड़ चुके थे.


5. भगदड़ के बाद प्रशासन के अनुरोध पर अखाड़ों द्वारा मौनी अमावस्या पर शाही स्नान में कुछ बदलाव होंगे. अब सभी 13 अखाड़ें सीमित संख्या के साथ शाही सवारी निकालेंगे. 


6. अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रवींद्र पुरी ने कहा है कि संगम पर अधिक भीड़ के कारण और श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिहाज से हम कम संख्या के साथ स्नान को जाएंगे. फिलहाल हम भीड़ कम होने का इंतजार कर रहे हैं.


7. महाकुंभ में मौजूद सभी बड़े साधू संतों का इस हादसे पर अलग-अलग रूख है. निरंजनी अखाड़ा के संतों का कहना है कि प्रशासनिक अव्यवस्था के कारण यह हुआ है तो अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रवींद्र पुरी जी का कहना है कि करोड़ो की भीड़ को संभालना आसान नहीं है, प्रशासन की इसमें कोई गलती नहीं है. उन्होंने यह भी कहा कि लोगों को प्रशासन की बातें सुननी चाहिए और संगम की बजाय बाकी तटों पर स्नान करना चाहिए.


8. हालात देखते हुए रैपिड एक्शन फोर्स के जवानों को तैनात कर दिया गया है. इसके साथ ही मैला क्षेत्र में जहां भी थोड़ी भी भीड़ दिख रही है, वहां से लोगों को हटाया जा रहा है. पूरे प्रयागराज में चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात है.


9. प्रयागराज में भीड़ देखते हुए शहर की सीमा के बाहर भी लोगों को रोके जाने की खबरें हैं. महाकुंभ में और अधिक भीड़ न हो इसलिए बाहर से प्रयागराज आ रहे लोगों को थोड़ा-थोड़ा कर के प्रवेश दिया जाने की संभावना है.


10. प्रधानमंत्री मोदी ने महाकुंभ मेले की स्थिति के बारे में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से बात की है. उन्होंने घटनाक्रम की समीक्षा की और तत्काल सहायता उपाय करने का आह्वान किया है.


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