MasterStroke: मोहन भागवत से मिलेंगे नितिन गडकरी, महाराष्ट्र की राजनीति पर चर्चा संभव
आरएसएस के सूत्रों ने बताया कि बीजेपी और शिवसेना के बीच दोबारा बातचीत फिर से शुरू हो गई है. जल्द खुशखबरी आएगी उसके बाद खबर सामने आई कि गुरुवार को सुबह शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने विधायकों की बैठक बुलाई है.

मुंबईः अगर 9 नवंबर तक महाराष्ट्र में नई सरकार नहीं बनी तो राष्ट्रपति शासन लग जाएगा. इसलिये राजनीतिक घटनाक्रम में तेजी आ गई है. हालांकि, शिवसेना जितने भी बयान दे रही है उसपर बीजेपी चुप है. उसका आचरण बड़े भाई वाला कहा जा सकता है. सूत्रों के मुताबिक मिली खबर के मुताबिक शिवसेना नितिन गडकरी को सीएम बनाने का दांव चल सकती है. कल का दिन महाराष्ट्र की राजनीति में बहुत अहम होगा. नितिन गडकरी भी कल ही मोहन भागवत से मिलने नागपुर जा रहे हैं.
बीजेपी पर दबाव बनाने के शिवसेना के तमाम दांव फेल हो गए तो आज संजय राउत ने एक नया पैंतरा चला. वो एनसीपी प्रमुख शरद पवार से मिलने पहुंच गए. शिवसेना को लगा कि पवार से मुलाकात कर वो बीजेपी पर और ज्यादा दबाव बना पाएंगे लेकिन उनका ये पैंतरा भी काम नहीं आया क्योंकि उस मुलाकात के बाद शरद पवार खुद सामने आ गए और उन्होंने ये बयान जारी कर दिया.
जनता ने हमें विपक्ष में बैठने का मौका दिया- पवार
शरद पवार ने कहा, ''जनता ने हमें विपक्ष में बैठने का मौका दिया है, शिवसेना बीजेपी 25 साल से साथ हैं आज नहीं तो कल साथ हो ही जाएंगे.'' पवार के इस बयान के कई राजनीतिक मायने निकाले जा सकते हैं. एक तो ये कि वो वाकई शिवसेना के साथ नहीं जाना चाहते और दूसरा ये कि वो अपने इस एलान से कहीं न कहीं एक बार फिर बीजेपी की मदद करना चाहते हैं.
यह वही पवार हैं जिनकी पार्टी ncp ने 2014 में विधानसभा से वॉक आउट कर सरकार बनाने में बीजेपी की मदद की थी. तब भी बीजेपी के पास बहुमत नहीं था. इस मामले को लेकर सुधीर मुनगंटीवार ने कहा, ''मैं पवार साहब के बयान का स्वागत करता हूँ जिसमें उन्होंने कहा है कि जनादेश उनके लिए सरकार बनाने का नहीं है.''
कैबिनेट बैठक में पहुंचे शिवसेना के मंत्री
वहीं संजय राउत ने कहा, ''अगर बीजेपी के नेता बहुमत का आंकड़ा देते है हमे बहुत खुशी होगी.''बहरहाल अब मौजूदा स्थिति में शिवसेना के पास ज्यादा विकल्प नहीं बचे हैं. इसीलिए तमाम धमकियों के बावजूद आज शिवसेना के तमाम मंत्री उस कैबिनेट मीटिंग में पहुंचे जो मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बुलाई थी.
मुनगंटीवार ने कहा, ''आज शिवसेना के मंत्री बीजेपी के साथ दिखे हैं और बीजेपी के मंत्री शिवसेना के साथ दिखे हैं. आप सबको अच्छी खबर जल्दी ही मिलेगी. जल्दीबाज़ी न करें.'' बीजेपी नेता जिस खुशखबरी का संकेत दे रहे हैं, उसकी वजह कल रात नागपुर में देवेंद्र फडणवीस और संघ प्रमुख मोहन भागवत के बीच हुई मुलाकात को माना जा रहा है.
जल्द होगा सरकार बनाने का रास्ता साफ
आरएसएस के सूत्रों ने बताया कि बीजेपी और शिवसेना के बीच दोबारा बातचीत फिर से शुरू हो गई है. जल्द खुशखबरी आएगी उसके बाद खबर सामने आई कि गुरुवार को सुबह शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने विधायकों की बैठक बुलाई है. माना जा रहा है कि इस बैठक से बीजेपी शिवसेना के सरकार बनाने का रास्ता साफ होकर निकलेगा.
अब सवाल है कि ये कब तक होगा क्योंकि मौजूदा सरकार का कार्यकाल 9 नवंबर तक ही है. अगर तब तक सरकार बनने का रास्ता साफ नहीं हुआ तो महाराष्ट्र मे राष्ट्रपति शासन लग जाएगा. ऐसा हुआ तो ज्यादा नुकसान शिवसेना का ही होगा. शायद यही वजह है कि शिवसेना अब धमकियों की जगह मुलाकातों और बैठकों पर ज्यादा ध्यान दे रही है.
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