Monsoon Session: 2023 में कितनी होगी देश में मुसलमानों की आबादी? सरकार ने लोकसभा में बताया
Muslim Population: देश में मुस्लिम आबादी के बढ़ने की रफ्तार देश की रफ्तार के बराबर ही है. लोकसभा में दिए गए केंद्र सरकार के जवाब से इस बारे में जानकारी मिली है.
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Muslim Population In 2023: देश में कई सारे संगठन मुसलमानों की आबादी बढ़ने के आरोप लगाते रहते हैं. दावे किए जाते हैं कि मुस्लिम जनसंख्या तेजी से बढ़ रही है. अब केंद्र सरकार ने बता दिया है कि साल 2023 में मुसलमानों की आबादी देश में कितनी होगी. लोक सभा में पूछे गए एक सवाल के जवाब में सरकार ने जवाब दिया है.
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद माला राय के सवालों के लिखित जवाब में अल्पसंख्यक कल्याण मामलों की मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा, 2011 की जनगणना के अनुसार मुसलमानों की आबादी देश की कुल जनसंख्या का 14.2 प्रतिशत थी और 2023 में भी जनसंख्या में उनकी भागीदारी इसी अनुपात में रहने का अनुमान है. यानि, पिछले 9 सालों में मुसलमानों की आबादी और देश की आबादी के बढ़ने की रफ्तार समान है.
19.7 करोड़ होगी मुस्लिम आबादी
लिखित जवाब में केंद्रीय मंत्री ने बताया, 2011 में मुस्लिम आबादी 17.2 करोड़ थी. जनसंख्या पर बने टेक्निकल ग्रुप ने 2023 में देश की आबादी 138.8 करोड़ रहने का अनुमान लगाया है. चूंकि, 2023 में मुस्लिम आबादी 2011 की जनसंख्या के अनुसार, 14.2 प्रतिशत ही रहने का अनुमान है, ऐसे में 2023 में मुसलमानों की संख्या 19.7 करोड़ होगी.
मुसलमानों में साक्षरता
माला राय के एक अन्य सवाल के जवाब में स्मृति ईरानी ने बताया, सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के पीरियाडिक लेबर फोर्स सर्वे 2021-22 के अनुसार, सात वर्ष और उससे अधिक उम्र के मुसलमानों में साक्षरता दर 77.7 प्रतिशत थी, जबकि लेबर फोर्स में उनकी हिस्सेदारी 35.1 प्रतिशत थी.
केंद्रीय मंत्री ने लोकसभा में ये भी बताया कि 2020-21 के एक सरकारी सर्वे के अनुसार, देश में 94.9 प्रतिशत मुसलमान ऐसे थे, जिनके पास पीने के पानी के बेहतर स्रोत थे और 97.2 के पास बेहतर शौचालय की सुविधा थी. 50.2 प्रतिशत मुस्लिम परिवार ऐसे रहे जिन्होंने 31 मार्च 2014 के बाद नया घर या फ्लैट खरीदे अथवा बनवाए.
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