Nepal Birgunj Clash: भारत से सटे नेपाल के बीरगंज शहर के कुछ इलाकों में दो समुदायों के बीच झड़पें हो गईं. इसके बाद नेपाल प्रशासन की ओर से हालात पर काबू पाने के लिए सोमवार (19 फरवरी) से ही अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लगा दिया गया. बवाल मां सरस्वती की मूर्ति के विसर्जन को लेकर खड़ा हुआ था.
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक परसा जिले के मुख्य जिला अधिकारी दिनेश सागर भुशाल ने एक बयान में बताया कि 4 दिन पहले, रौतहट जिले में दो समूहों के बीच उस वक्त झड़प हो गई थी, जब हिंदू समुदाय के कुछ लोग सरस्वती पूजा के बाद प्रतिमा के विसर्जन के लिए शोभायात्रा निकाल रहे थे. दोनों समूहों ने एक-दूसरे पर पथराव किया. घटना के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जिसके कारण अधिकारियों को कर्फ्यू लगाना पड़ा.
'उपद्रव के आरोप में दोनों पक्षों के 10 लोगों गिरफ्तार'
सीडीओ दिनेश सागर भुशाल ने बताया कि स्थिति नियंत्रण में है जिसको लेकर दूसरे दिन मंगलवार को सुबह 6 बजे से 10 बजे तक कर्फ्यू में ढील दी गई थी. पुलिस ने उपद्रव मचाने के आरोप में दोनों पक्षों के 10 लोगों को गिरफ्तार किया है. कुछ लोगों ने अशांति फैलाने का प्रयास किया जिससे कानून व्यवस्था खराब हुई है. सीसीटीवी फुटेज व फोटो वीडियो से चिन्हित कर कानून के तहत कार्रवाई की जा रही है.
सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर 1000 सुरक्षाकर्मियों की तैनाती
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, नेपाल सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पुलिस और सेना के 1000 जवानों की तैनाती की है. हालात सुधरने तक इलाके में कर्फ्यू लगा दिया गया है. प्रशासन की ओर से कर्फ्यू परबनीपुर पर्सा, नगवा चौक, तिलाबे ब्रिज और मैत्री पुल पर लगाया गया है. पूरे इलाके में हालात बहुत तनावपूर्ण है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां पूरी मुस्तैदी के साथ स्थिति का काबू में रखने में जुटी हैं.
'चौक- चौराहों पर आधुनिक हथियारों से लैस जवान तैनात'
जिला प्रशासन का कहना है कि शहर में कर्फ्यू लगने के बाद से किसी को भी एकत्र होने, मीटिंग करने या फिर रैली निकालने या सड़क पर चलने आदि पर रोक लगा दी गई है. सशस्त्र पुलिस बल के जवान लगातार गश्त लगा रहे हैं. चिन्हित चौक- चौराहों पर आधुनिक हथियारों से लैस जवानों को तैनात किया गया है.
'कई जगहों पर टायर जलाकर किया प्रदर्शन'
उधर, कर्फ्यू जारी रहने के बाद भी मंगलवार (20 फरवरी) को घटना के विरोध में हिंदूवादी संगठनों ने उपद्रवी तत्वों की गिरफ्तारी को लेकर घडीअरवा पोखरी, रानीघाट, गहवा, आदि अलग-अलग क्षेत्रों में टायर जलाकर प्रदर्शन किया.
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