ओडिशा में राउरकेला इस्पात संयंत्र (आरएसपी) की एक इकाई में जहरीली गैस के रिसाव से बुधवार को कम से कम चार श्रमिकों की मौत हो गई और कई अन्य बीमार हो गए. आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी. आरएसपी अधिकारियों ने कहा कि कोयला रसायन विभाग में सुबह हुए हादसे के बाद दो उप महाप्रबंधकों (डीजीएम) को लापरवाही बरतने पर निलंबित किया गया है। हादसे के वक्त एक निजी कंपनी के कुछ ठेका कर्मी वहां काम कर रहे थे.
आरएसपी का संचालन ‘स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया’ (एसएआईएल) करती है.



ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक और केंद्रीय पेट्रोलियम व इस्पात मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने हादसे में लोगों की मौत पर दुख व्यक्त किया है. पटनायक ने एक ट्वीट में कहा, “राउरकेला स्टील प्लांट में गैस रिसाव हादसे में जनहानि के बारे में जान कर गहरा दुख पहुंचा. दुख की इस घड़ी में मेरी प्रार्थनाएं पीड़ित परिवारों के साथ हैं.” प्रधान ने ट्वीट किया, “एसएआईएल के राउरकेला इस्पात संयंत्र में दुर्भाग्यपूर्ण हादसे में मजदूरों की मौत का दुख है। दुख के इस समय में प्रभावित परिवारों के प्रति मेरी संवेदनाएं.”

आरएसपी के अधिकारियों ने कहा, ‘‘निजी कम्पनी द्वारा संविदा पर रखे गए चार कर्मचारियों को सुबह नौ बजे कुछ परेशानी होने लगी, इसके बाद उन्हें संयंत्र के स्वास्थ्य केन्द्र ले जाया गया और बाद में इस्पात जनरल अस्पताल (आईजीएच) के आईसीयू में भर्ती कराया गया, जहां उन्होंने दम तोड़ दिया.’’ उन्होंने बताया कि मृतकों की पहचान गणेश चंद्रा पाहिल (55), रबिन्द्र साहू (59), अभिमन्यु शाह (33) और ब्रम्हानंदा पांडा (51) के तौर पर हुई है.

आरएसपी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि इस घटना में कोई और मजदूर प्रभावित नहीं हुआ. अधिकारियों ने बताया कि शुरुआती जांच के अनुसार श्रमिकों की मौत इकाई में ‘कार्बन मोनोक्साइड’ के रिसाव की वजह से हुई. आरएसपी के अधिकारियों ने कहा, ‘‘ घटना के कारण का पता लगाने के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है. संयंत्र में काम समान्य रूप से चल रहा है.’’ शीर्ष स्तर पर यह फैसला किया गया है कि प्रत्येक मृतक के एक परिजन को आरएसपी में नौकरी की पेशकश की जाएगी।