Palghar Mob Lynching: साधुओं से पहले तीन रेलवेकर्मी भी भीड़ का शिकार होते होते बचे थे
महाराष्ट्र का पालघर तीन लोगों की सनसनीखेज हत्या को लेकर सुर्खियों में है. उस कांड से पहले पालघर के ही एक इलाके में तीनों रेल कर्मचारी भी भीड़ा का शिकार होने से बच गए थे.

मुंबई: मुंबई से सटे पालघर में तीन रेल कर्मचारी भीड़ की हिंसा का शिकार होते होते बचे. ये घटना 16 अप्रैल को इसी जिले के गडचिंचली गांव में 2 साधुओं समेत 3 लोगों की हत्या की वारदात के एक दिन पहली की है. गडचिंचली गांव वाली घटना की तरह ही इस मामले में भी हिंसक भीड़ अफवाह से प्रभावित थी. मिली जानकारी के मुताबिक 15 अप्रैल की रात को 3 रेल कर्मचारी डहाणू के पास अपने सहकर्मियों को रिलीव करने के लिये एक कार में जा रहे थे. जब उनकी कार घोलवड थाना क्षेत्र के वाकी गांव के पास पहुंची तो हिंसक भीड़ ने उन्हें घेर लिया. ये भीड इस अफवाह की वजह से सड़क पर से गुजरने वाले हर वाहन को रूका रही थी कि इलाके में चोर और लुटेरे घूम रहे हैं.
तीनों रेल कर्मचारियों को भी चोर होने के शक में गाड़ी से उतार कर उनसे साथ हाथापाई की गई. इस बीच किसी ने पुलिस को सूचना दे दी. पुलिस की टीम ने मौके पर पहुंच कर तीनों को बचा लिया. इस मामले में कोई एफआईआर नहीं दर्ज की गई.
तीनों रेल कर्मचारी तो बच गये लेकिन अगले दिन ठीक उसी वक्त पालघर जिले के ही एक दूसरे इलाके में अफवाह से प्रभावित भीड़ ने 2 साधु और उनके ड्राईवर की हत्या कर दी. दोनों साधु सूरत में अपने एक साथी के अंतिम संस्कार में जा रहे थे. चूंकि हाई वे पर पुलिस लॉकडाऊन के चलते रोक रही थी इसलिये इन्होने जंगल के अंदर से गुजरने वाला रास्ता लेना तय किया. गडचिंचली गांव के पास एक फॉरेस्ट चौकी पर जब उनकी कार पहुंची तो हिंसक भीड़ ने उनपर हमला कर दिया. उन्हें बचाने आई पुलिस टीम पर भी हमला किया गया. जब पुलिसकर्मी अपनी जान बचाकर भाग गए तो भीड़ ने तीनों को पीटपीट कर मार डाला.
इस सिलसिले में कुल 110 लोगों को हिरासत में लिया गया जिनमें से 9 नाबालिगों को बाल सुधार गृह भेज दिया गया. जबकि 101 लोगों को 30 अप्रैल तक के लिये अदालत ने पुलिस हिरासत में भेजा है. पुलिस के मुताबिक करीब 200 और आरोपी हैं जो कि गांव के आसपास के जंगल में जाकर छुप गये हैं. उनको खोजने के लिये पुलिस अब 4 ड्रोन कैमरों का इस्तेमाल कर रही है. इस सिलसिले में महाराष्ट्र सरकार ने लापरवाही दिखाने के आरोप में 2 पुलिस अधिकारियों को निलंबित कर दिया है.
पालघर की घटना को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश कुछ तत्व कर रहे थे, लेकिन महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख ने गिरफ्तार 101 आरोपियों की लिस्ट जारी कर दी. इस लिस्ट में मौजूद नामों को देखकर पता चलता है कि मृतक और उनपर कथित हमला करने वाले एक ही धर्म के हैं.
कुशीनगर: PM मोदी ने फोन पर लिया 106 वर्षीय भुलई भाई का आशीर्वाद, पूछा परिवार का हालचालट्रेंडिंग न्यूज
टॉप हेडलाइंस

