सशस्त्र बलों में बनाया गया फ्यूचर वॉरफेयर फंड, संसदीय समिति ने बताया- एनालिसिस ग्रुप का भी प्रस्ताव
मंत्रालय ने समिति को यह भी बताया कि चूंकि एकीकरण एक अहम सुधार है, इसलिए कई जटिल मुद्दों का व्यापक रूप से समाधान किए जाने की आवश्यकता है.

संसद की एक समिति ने कहा है कि उसे रक्षा मंत्रालय से पता चला है कि सशस्त्र बलों के भीतर एक फ्यूचर वॉरफेयर फंड की स्थापना की गई है, जबकि भविष्य की प्रौद्योगिकियों और उनके प्रभाव का अध्ययन करने के लिए एक विश्लेषण समूह के गठन का प्रस्ताव है.
भारतीय जनता पार्टी (BJP) सांसद राधामोहन सिंह की अध्यक्षता वाली रक्षा संबंधी स्थायी समिति ने अपनी रिपोर्ट में यह भी कहा कि सशस्त्र बलों को एकीकृत थिएटर कमान में पुनर्गठित करने पर विचार-विमर्श जारी है और परिचालन आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए उपयुक्त संगठनात्मक ढांचे को अंतिम रूप देने से पहले विभिन्न स्तरों पर इसकी जांच की जा रही है.
मंत्रालय ने समिति को यह भी बताया कि चूंकि एकीकरण एक अहम सुधार है, इसलिए कई जटिल मुद्दों का व्यापक रूप से समाधान किए जाने की आवश्यकता है. वर्ष 2025-26 के लिए रक्षा मंत्रालय की अनुदान मांगों पर सातवीं रिपोर्ट सोमवार को संसद में पेश की गई.
बजट अनुमान वर्ष 2025-26 के लिए रक्षा मंत्रालय का कुल परिव्यय 6,81,210.27 करोड़ रुपये है और यह भारत सरकार के कुल व्यय (50.65 लाख करोड़ रुपये) का लगभग 13.45 प्रतिशत है, जो सभी मंत्रालयों में सबसे अधिक है.
समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि मंत्रालय की रिपोर्ट से उसे पता चला है कि सशस्त्र बलों के भीतर एक ‘फ्यूचर वारफेयर फंड’ (भविष्य युद्ध निधि) की स्थापना की गयी है. भविष्य की तकनीकों और उनके प्रभाव का अध्ययन करने के लिए विश्लेषण समूह की स्थापना का भी प्रस्ताव है.
समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा, 'रक्षा मंत्रालय के प्रस्तुतीकरण के अनुसार, सशस्त्र बलों की मौजूदा कमानों के विस्तार के लिए फिलहाल कोई प्रस्ताव आगे नहीं बढ़ाया जा रहा है.' रिपोर्ट में कहा गया है कि मंत्रालय ने बताया कि एकीकृत थिएटर कमान बेहतर समन्वय और बल के एकीकृत उपयोग की सुविधा प्रदान करेगी, जिससे परिचालन दक्षता बढ़ेगी और संसाधनों का बेहतर उपयोग हो सकेगा.
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Source: IOCL
























