पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने वहां की तैयारियों का जायजा लिया. उन्होंने कहा कि आयोग की तरफ से शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित कराने के लिए राजनीतिक दलों के साथ ही केन्द्र और राज्य के कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ व्यापक चर्चा की.
सुनील अरोड़ा ने शुक्रवार को कहा- “राजनीतिक दलों के साथ हमारी गहरी चर्चा हुई. इसके साथ ही, हमारी केन्द्रीय और राज्य के प्रवर्तन एजेंसियों के साथ भी चर्चा हुई. पिछली रात करीब साढे दस बजे हम डीएम, पुलिस कमिश्नर, एसपी, आईजी और क्षेत्रीय कमिश्नर से मुलाकात की.”
मुख्य चुनाव आयुक्त ने शुक्रवार को बंगाल के मुख्य सचिव, प्रधान सचिव (गृह), डीजीपी और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की. गौरतलब है कि ममता बनर्जी की अगुवाई वाली सरकार का कार्यकाल 30 मई 2021 को खत्म हो रहा है. ऐसे में बंगाल में मई महीने तक चुनाव काराया जाना आवश्यक है.
बंगाल में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई है और बीजेपी और टीएमसी कार्यकर्ताओं के बीच लगातार हिंसा की खबरें आ रही हैं. सुनील अरोड़ा ने कहा- “चुनाव आयोग मुफ्त, निपक्ष, नैतिक और सुरक्षित तरीके से चुनाव करान को लेकर प्रतिबद्ध है. कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर कुछ राजनीतिक दलों ने चिंता जाहिर की है. वे ऐसी बयानबाजियां कर रहे हैं जिनसे हिंसा और माहौल बिगड़ सकता है. वह भड़काऊ नारे लगा रहे हैं.”
चुनाव आयुक्त ने आगे कहा- हम तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, असम में चुनावों की तारीखों के ऐलान के दिन को लेकर स्पष्ट हैं. हम स्पेशल कानून-व्यवस्था पर्यवेक्षकों और स्पेशल जनरल ऑब्जर्वर्स को भेजेंगे.
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