Vande Bharat Express: तीन देशों के अहम दौरे से वापस लौटे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार (25 मई) को देहरादून से दिल्ली के बीच पहली वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन का उद्घाटन किया. पीएम नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये इस कार्यक्रम में हिस्सा लिया. इस दौरान पीएम मोदी ने उत्तराखंड के लोगों को वंदे भारत एक्सप्रेस के लिए बधाई देते हुए कहा कि यह ट्रेन देश की राजधानी को देवभूमि से और तेज गति से जोड़ेगी. उन्होंने कहा कि वंदे भारत से दिल्ली-देहरादून के बीच रेल सफर में अब समय भी काफी कम हो जाएगा.


पीएम नरेंद्र मोदी ने इस दौरान अपनी हालिया विदेश यात्रा का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि अभी मैं कुछ देर पहले ही तीन देशों की यात्रा करके लौटा हूं. आज पूरा विश्व भारत को बहुत उम्मीदों से देख रहा है. पीएम मोदी ने कहा कि हम भारत के लोगों ने जिस तरह अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूती दी है, उसने पूरी दुनिया का विश्वास जगा दिया है.


'दुनिया की आध्यात्मिक चेतना का केंद्र'


उन्होंने कहा कि उत्तराखंड आज जिस तरह से कानून-व्यवस्था को सर्वोपरि रखते हुए विकास के अभियान को आगे बढ़ा रहा है, वो बहुत सराहनीय है. उन्होंने कहा कि मेरा विश्वास है कि ये देवभूमि आने वाले समय में पूरे विश्व की आध्यात्मिक चेतना के आकर्षण का केंद्र बनेगी. हमें इस सामर्थ्य के अनुरूप भी उत्तराखंड का विकास करना होगा.


पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया के लोग भारत को समझने के लिए, देखने के लिए भारत आना चाहते हैं. ऐसे में उत्तराखंड जैसे इतने सुंदर राज्यों के लिए यह बहुत बेहतरीन अवसर है. इस अवसर का पूरा लाभ उठाने में ये 'वंदे भारत ट्रेन' भी उत्तराखंड की मदद करने वाली है.


'पूर्ववर्ती सरकारों का ध्यान घोटालों पर रहा'


पीएम ने कहा कि पहले लंबे समय तक जिन दलों की सरकारें रहीं, उन्होंने देश की इस जरूरत को कभी समझा ही नहीं. उन्होंने कहा कि उन दलों का ध्यान घोटालों पर था, भ्रष्टाचार पर था, परिवारवाद के अंदर ही वो सिमटे हुए थे. उन्होंने पूर्ववर्ती सरकारों पर तंज कसते हुए कहा कि भारत में हाई-स्पीड ट्रेनों को लेकर भी पहले की सरकारों ने बड़े-बड़े दावे किए, लेकिन कई-कई साल बीत गए, हाई-स्पीड ट्रेन तो छोड़िए... रेल नेटवर्क से मानवरहित फाटक तक हटा नहीं पाए थे. बिजलीकरण की स्थिति तो और बतदर थी.


वंदे भारत एक्सप्रेस के उद्घाटन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि 2014 के बाद से ही देश ने बदलाव को देखना शुरू किया. उन्होंने कहा कि हमने रेलवे में बदलाव के लिए कई आधारभूत प्रयास किए. यह सब जो आज संभव हुआ है, वो सही नजरिये, सही नीति और देश में विकास लाने के लिए वफादारी की बदौलत ही हो सका है.


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