स्वदेश लौट रहे हैं पीएम, चीन में अनौपचारिक मुलाकात के दौरान 9 घंटे साथ रहे मोदी और जिनपिंग
पीएम मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग सीमा विवाद को लेकर डोकलाम जैसे सैन्य गतिरोध की स्थिति पैदा होने से रोकने के लिए अपनी-अपनी सेनाओं को रणनीतिक दिशानिर्देश जारी करेंगे.
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नई दिल्ली: चीन के दो दिनों के दौरे पर गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वुहान से स्वदेश के लिए रवाना हो गए हैं. चीन में अनौपचारिक मुलाकात के दौरान पीएम मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग नौ घंटों तक साथ रहे. भारत में चीन के राजदूत लुओ झाओहुई ने यह जानकारी दी है. शी ने भारत के लिए रवाना होने से पहले पीएम मोदी के लिए भोज आयोजित किया था.
मोदी और जिनपिंग के बीच हुई सात मुलाकातें
लुओ झाओहुई की तरफ से जानकारी दी गई है कि पीएम मोदी ने दो दिनों में शी जिनपिंग से सात मुलाकातें की. जिनपिंग और मोदी ने नौ घंटे का वक्त साथ बिताया. दोनों नेताओं ने कई मुद्दों पर आम सहमति के साथ लंबी बातचीत की. वहीं, भारतीय विदेश सचिव विजय गोखले ने शनिवार को यहां मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि दोनों नेताओं की बातचीत निर्धारित समय से ज्यादा देर तक चली.
शुक्रवार सुबह चीन के वुहान पहुंचने के बाद मोदी और शी ने सबसे पहले हुबेई प्रांतीय संग्रहालय में मुलाकात की, जहां दोनों नेताओं ने एक दूसरे के साथ वार्ता की. इसके बाद शी ने मोदी के साथ एक प्रदर्शनी का दौरा किया.
President Xi to PM Modi: in my over 5-year presidency, I have only gone out of Beijing twice to receive foreign guests. Once in Xi'an in 2015, the other is today, Both for you. This shows how much President Xi values his personal friendship with PM Modi and China-India relations. pic.twitter.com/OSXs7JycxS
— Luo Zhaohui (@China_Amb_India) April 28, 2018
सैनिकों को डोकलाम न दोहराने के निर्देश देंगे मोदी-शी
पीएम मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग सीमा विवाद को लेकर डोकलाम जैसे सैन्य गतिरोध की स्थिति पैदा होने से रोकने के लिए अपनी-अपनी सेनाओं को रणनीतिक दिशानिर्देश जारी करेंगे. दोनों देशों के प्रमुखों के बीच कई दौर की बैठकों में आतंकवाद, जलवायु परिवर्तन और अन्य अंतर्राष्ट्रीय मुद्दे छाए रहे, जिनपर दोनों नेताओं का एक समान नजरिया था.
भारत के विदेश सचिव विजय गोखले ने बताया, ‘’मोदी और शी का मानना है कि दोनों देशों की ओर से सीमा वार्ता को लेकर विशेष प्रतिनिधियों को उचित, तर्कसंगत और आपस में स्वीकार्य समाधान तलाशने के लिए अपने प्रयास तेज करने होंगे. उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ाने के लिए भारत-चीन सीमा क्षेत्र में अमन औऱ शांति बनाए रखने की अहमियत पर बल दिया.
डोकलाम पर दोनों देशों की सेनाओं के बीच रहा था गतिरोध
बता दें कि भारत और चीन के बीच काफी समय से सीमा विवाद एक गंभीर मुद्दा रहा है, जिसे लेकर 1962 में दोनों देशों में युद्ध भी हुआ और आपस में अविश्वास बना रहा है. पिछले साल 2017 में भारत-चीन सीमा क्षेत्र में सिक्किम के डोकलाम में दोनों देशों की सेनाओं के बीच 73 दिनों तक गतिरोध बना रहा है. अगस्त में बातचीत के बाद गतिरोध दूर हुआ था.
भारत-चीन के बीच संयुक्त आर्थिक अफगान परियोजना पर बनी सहमति
भारत और चीन ने शनिवार को अफगानिस्तान में एक संयुक्त आर्थिक परियोजना पर सहमति जताई. सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच यहां दो दिवसीय शिखर वार्ता के बाद दोनों देशों के बीच यह सहमति बनी है.
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