Hindu Muslim Tensions: शनिवार (18 जनवरी) को मदुरै के तिरुपरनकुंद्रम हिल पर कुछ समय के लिए तनाव का माहौल बन गया जब पुलिस ने इस्लामिक संगठनों के सदस्य को सिकंदर बादशाह दरगाह पर बकरों और मुर्गों की बलि देने से रोक दिया. ये हिल भगवान मुरुगन के प्रसिद्ध तिरुपरनकुंद्रम मंदिर का भी घर है जिसकी वजह से यह धार्मिक दृष्टि से बहुत ही महत्वपूर्ण स्थल माना जाता है.


इस घटना के दौरान स्थानीय इस्लामिक जमात के नेताओं के एक समूह ने सिकंदर बादशाह दरगाह पर सामूहिक भोज के लिए बकरों और मुर्गों के साथ हिल पर जाने की कोशिश की. हालांकि पुलिस ने उन्हें ये कहते हुए प्रवेश नहीं दिया कि यहां जानवरों की बलि देना प्रतिबंधित है और केवल इबादत करने की अनुमति है. जानकारी के अनुसार ये घटनाक्रम मदुरै जिले की प्रशासनिक अनुमति के बावजूद हुआ जिसमें इस्लामिक संगठनों ने दरगाह पर पारंपरिक रीति-रिवाजों के पालन की मांग की थी.


तिरुपरनकुंद्रम हिल को लेकर छिड़ा विवाद


इस बीच हिंदू मुन्नानी के सदस्य मुस्लिमों की ओर से जानवरों की बलि देने की कोशिश पर विरोध प्रदर्शन करने पहुंचे. उनका कहना था कि मुसलमान तिरुपरनकुंद्रम हिल को इस्लामिक पूजा स्थल में बदलने की कोशिश कर रहे हैं. बीजेपी राज्य अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने भी इस मुद्दे पर बयान दिया और कहा कि तिरुपरनकुंद्रम हिल भगवान मुरुगन का पहला पवित्र निवास है. उन्होंने कहा कि कुछ लोग इस स्थल को "सिकंदर मालय" (सिकंदर की पहाड़ी) के रूप में पुकार रहे हैं जो अस्वीकार्य है. अन्नामलाई ने ये भी आरोप लगाया कि DMK सरकार इस मुद्दे पर तुष्टीकरण की राजनीति कर रही है और कहा कि इस हिल पर धर्म से परे शांति बनाए रखना चाहिए.


दरगाह में केवल इबादत की अनुमति


मदुरै जिला प्रशासन ने स्पष्ट रूप से दरगाह में केवल इबादत करने की अनुमति दी है जबकि इस्लामिक संगठनों के साथ बातचीत जारी है. प्रशासन ने किसी भी जानवर की बलि को लेकर कोई मंजूरी नहीं दी है. इस मुद्दे पर प्रशासनिक कार्यवाही और धार्मिक समुदायों के बीच संवाद आने वाले दिनों में इस तनावपूर्ण स्थिति को सुलझाने का प्रयास कर सकते हैं.


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