नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश में गोरखपुर और फूलपुर उपचुनाव में बीजेपी को करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा है. गोरखपुर और फूलपुर में हार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वीकार कर ली है.


गोरखपुर में एसपी उम्मीदवार प्रवीण निषाद की जीत का औपचारिक एलान हो गया. डीएम राजीव रौतेला ने उन्हें जीत का प्रमाण पत्र सौंपा. जीत के बाद प्रवीण निषाद ने क्षेत्र की जनता का धन्यवाद दिया और कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए.


आपको बता दें कि गोरखपुर में कुल 9 लाख 34 हजार 56 वोट पड़े. इसमें से एसपी को कुल 4 लाख 56 हजार पांच सौ तेरह वोट मिले. बीजेपी को सिर्फ बीजेपी को 4 लाख 34 हजार छह सौ बत्तीस वोट मिले.


हार पर क्या बोले योगी आदित्यनाथ?
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हार पर हमें विचार करने की जरूरत है. उन्होंने कहा, ''अति आत्मविश्वास में रहने के बजाए हम दोनों चुनाव में हुई हार की समीक्षा करेंगे. एसपी और बीएसपी का गठबंधन विकास विरोधी है.''


अखिलेश यादव ने कहा- बीजेपी ने की वादा खिलाफी
अखिलेश यादव ने कहा कि बीजेपी समाज में जहर घोलने का काम कर रही है. बीजेपी ने वादा खिलाफी की, अच्छे दिन तो आए नहीं लेकिन जनता बीजेपी के बुरे दिन लाने के लिए इकट्ठी हो गई.


अखिलेश यादव ने कहा, "मैं आज कह सकता हूं कि जो परिणाम आया है, गिनती हजारों की दिख रही है लेकिन दोनों लोकसभा की लाखों जनता ने वोट देकर समाजवादी पार्टी को जिताया है. उत्तर प्रदेश के लोकसभा चुनाव से राजनीतिक संदेश हमेशा निकलते हैं. एक सीट जिससे मुख्यमंत्री आए हों और दूसरे डिप्टी सीएम की सीट पर अगर जनता की इतनी नाराजगी है तो सोचिए पूरे देश में चुनाव होगा तो क्या हाल होगा.''


उपचुनाव के नतीजे योगी के लिए खतरे की  घंटी: एक्सपर्ट
उत्तर प्रदेश में कहने को सिर्फ 2 लोकसभा सीटों पर बीजेपी की हार हुई लेकिन इस हार की टाइमिंग और जिन सीटों पर हार हुई उस वजह से इसे बीजेपी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। योगी सरकार के एक साल पूरा होने के मौके पर और 2019 के लोकसभा चुनाव के ठीक एक साल पहले यूपी के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री की लोकसभा सीट से बीजेपी का हार जाना उसके लिए खतरे की घंटी है.