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परीक्षा पर चर्चा: परीक्षा कोई आखिरी पड़ाव नहीं, जिंदगी बहुत लंबी..., छात्रों से PM मोदी ने साझा किये अपने अनुभव
परीक्षा पर चर्चा: परीक्षा कोई आखिरी पड़ाव नहीं, जिंदगी बहुत लंबी..., छात्रों से PM मोदी ने साझा किये अपने अनुभव
प्रधानमंत्री मोदी साल 2018 से परीक्षा से पहले छात्रों से चर्चा करते रहे हैं. पहली बार इसका आयोजन दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में हुआ था. 'परीक्षा पे चर्चा' कार्यक्रम के जरिए वह हर साल छात्रों से संवाद करते हैं और उन्हें परीक्षा के तनाव को दूर करने के उपाय सुझाते हैं.
एबीपी न्यूज़
Last Updated:
07 Apr 2021 08:07 PM
पीएम मोदी ने कहा कि यह भी ध्यान रखने की जरूरत है कि खाली समय में किन चीजों से बचना चाहिए, नहीं तो वो ही चीज सारा समय खा जाएगी. पता भी नहीं चलेगा और अंत में रिफ्रेश-रिलैक्स होने की बजाय आप तंग आ जाएंगे, थकान महसूस करने लगेंगे.
पीएम मोदी ने कहा कि खाली समय को खाली मत समझिए, ये खजाना है. खाली समय एक सौभाग्य है, खाली समय एक अवसर है. आपकी दिनचर्या में खाली समय के पल होने ही चाहिए, वरना तो जिंदगी एक रोबोट जैसी हो जाती है. जब आप खाली समय में अर्न करते हैं तो आपको उसकी सबसे ज्यादा वैल्यू पता चलती है. इसलिए आपकी लाइफ ऐसी होनी चाहिए जब आप खाली समय अर्न करें तो वो आपको असीम आनंद दे.
परीक्षा पर चर्चा के दौरान पीएम मोदी ने कहा- हमारे यहां परीक्षा के लिए एक शब्द है-कसौटी. मतलब, खुद को कसना है. ऐसा नहीं है एग्जाम आखिरी मौका है बल्कि एग्जाम तो एक प्रकार से एक लबी जिंदगी जीने के लिए अपने आपको कसने का एक उत्तम अवसर है. एक अवसर है. समस्या तब आती है जब एग्जाम को ही जैसे जीवन के सपनों का अंत मान लेत हैं. जीवन मरण का प्रश्न बना देते हैं. दरअसल एग्जाम जीवन को गढ़ने का एक अवसर है. वास्तव में हमे अपने आप को एक कसौटी पर कसने के मौके खोजते ही रहना चाहिए. ताकि हम और बेहतर कर सकें हमे भागना नहीं चाहिए.
पीएम मोदी ने कहा- ये जिंदगी बहुत लंबी है, बहुत पड़ाव आते हैं. परीक्षा एक छोटा सा पड़ाव है. हमें दबाव नहीं बनाना चाहिए, चाहे टीचर हो, स्टूडेंट हो, परिवारजन हो, यार दोस्त हो. अगर बाहर का दबाव कम हो गया, खत्म हो गया, तो एग्जाम का दबाव कभी महसूस नहीं होगा, कॉन्फिडेंस फलेगा-फूलेगा, प्रेशर रिलीज होगा, कम हो जाएगा.
पीएम मोदी ने परीक्षा पर चर्चा के दौरान कहा- आपको डर एग्जाम का नहीं है. आपको डर किसी और का है और वो क्या है? आपको आसपास एक माहौल बना दिया है कि यही एग्जाम सबकुछ है, यही जिंदगी है. और हम यह आवश्यकता से अधिक ओवर कंसियस हो जाते हैं. हम थोड़ा ज्यादा सोचने लग जाते हैं. इसलिए मैं समझता हूं कि जिंदगी में ये कोई आखिरी मुकाम नहीं है.
पीएम मोदी ने परीक्षा पर चर्चा करते हुए कहा- “ये परीक्षा पे चर्चा है, लेकिन सिर्फ परीक्षा की ही चर्चा नहीं है. बहुत कुछ बातें हो सकती हैं. एक हल्का-फुल्का माहौल बना है. एक नया आत्मविश्वास पैदा करना है और जैसे आपने घर में बैठकर बातें करते हैं, अपनों के बीच बात करते हैं, यार दोस्तों के साथ बात करते हैं. ”
पीएम मोदी ने आगे कहा- आपने रूबरू न होना, आपके चेहरी की खुशी ना देखना, आपका उमंग और उत्साह ना अनुभव करना, ये अपने आप में मेरे लिए एक बड़ा नुकसान है. लेकिन फिर भी परीक्षा तो है ही है, आप है, मैं हूं, परीक्षा है, तो फिर अच्छा ही है कि हम परीक्षा पर चर्चा लगातार करेंगे और इस साल भी ब्रेक नहीं लेंगे.
पीएम मोदी ने परीक्षा पर चर्चा के दौरान कहा- ये पराक्षा पर चर्चा का पहला वर्चुअल एडिशन है. हम पिछले एक साल से कोरोना के बीच जी रहे हैं और उसके कारण हर किसी को नया इनोवेशन करना पड़ रहा है. मुझे आपलोगों से मिलने का मोह इस बीच छोड़ एक नए फॉर्मेट में आपके बीच आना पड़ रहा है.
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी परीक्षा पर चर्चा शुरू कर चुके हैं. उन्होंने कहा कि आप सभी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि कोरोना के चलते हमें नए फॉर्मेट में आना पड़ रहा है.
पीएम मोदी ने परीक्षा पर चर्चा से पहले वीडियो ट्वीट करते हुए छात्रों से कहा वे परीक्षा को अवसरों के तौर पर देखें न कि जीवन के सपनों के अंत के तौर पर.
परीक्षा पर चर्चा से पहले पीएम मोदी ने एक वीडियो भी शेयर किया जिसमें वह कह रहे हैं, 'हम बीते एक साल से कोरोना के साये में रह रहे हैं और इसकी वजह से मुझे व्यक्तिगत रूप से आपसे मिलने का मोह छोड़ना होगा और नए फॉरमेट में परीक्षा पे चर्चा के पहले डिजिटल संस्करण में आपके साथ रहूंगा.'
प्रधानमंत्री मोदी साल 2018 से परीक्षा से पहले छात्रों से चर्चा करते रहे हैं. पहली बार इसका आयोजन दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में हुआ था. 'परीक्षा पे चर्चा' कार्यक्रम के जरिए वह हर साल छात्रों से संवाद करते हैं और उन्हें परीक्षा के तनाव को दूर करने के उपाय सुझाते हैं.
बैकग्राउंड
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज शाम सात बजे 'परीक्षा पे चर्चा' कार्यक्रम के तहत छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों से संवाद करेंगे. इस संबंध में प्रधानमंत्री ने अपने ऑफिशियल ट्वीटर अकाउंट से ट्वीट करके जानकारी दी है. पीएम ने अपने ट्वीट में लिखा है कि हमारे बहादुर एग्जाम वॉरियर्स, अभिभावकों और शिक्षकों के साथ विभिन्न विषयों पर कई मजेदार सवाल और यादगार चर्चा. सात अप्रैल को शाम सात बजे देखिए 'परीक्षा पे चर्चा'.
प्रधानमंत्री ने इसके साथ ही एक वीडियो भी शेयर किया जिसमें वह कह रहे हैं, 'हम बीते एक साल से कोरोना के साये में रह रहे हैं और इसकी वजह से मुझे व्यक्तिगत रूप से आपसे मिलने का मोह छोड़ना होगा और नए फॉरमेट में परीक्षा पे चर्चा के पहले डिजिटल संस्करण में आपके साथ रहूंगा.' उन्होंने छात्रों से कहा कि वे परीक्षा को अवसरों के तौर पर देखें न कि जीवन के सपनों के अंत के तौर पर.
बच्चों के साथ दोस्त के तौर पर बातचीत करेंगे पीएम
वीडियो में यह भी बताया गया है कि प्रधानमंत्री बच्चों के साथ दोस्त के तौर पर बातचीत करेंगे और इसके साथ ही डिजिटल कार्यक्रम में शिक्षकों और अभिभावकों से भी संवाद करेंगे. मोदी इस बात की भी चर्चा करते हैं कि लोग या माता-पिता क्या कहेंगे इसका दबाव भी कई बार बोझ बन जाता है.
वीडियो में प्रधानमंत्री यह भी कह रहे हैं कि यह परीक्षा पे चर्चा है लेकिन यहां चर्चा सिर्फ परीक्षा तक सीमित नहीं होगी. इस बार परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम डिजिटल माध्यम से किया जा रहा है. गत फरवरी महीने में शिक्षा मंत्रालय ने इसकी घोषणा की थी.