पुदुचेरी में राष्ट्रपति शासन लगाई जाएगी. केंद्रीय कैबिनेट ने राष्ट्रपति शासन लगाने की सिफारिश की है. इससे पहले केंद्र शासित प्रदेश पुदुचेरी में कांग्रेस-डीएमके गठबंधन की सरकार गिरने के बाद उपराज्यपाल तमिलिसाई साउंडराजन ने राष्ट्रपति शासन लगाने की सिफारिश की थी. बताया जा रहा है कि बीजेपी और उसके सहयोगी दलों ने राज्य में सरकार बनाने से मना कर दिया है. पुदुचेरी में अप्रैल-मई में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं.


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में इस आशय प्रस्ताव को मंजूरी दी गई. बैठक के बाद सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने संवाददाताओं को बताया कि पुडुचेरी में सत्तारूढ़ दल के कुछ विधायकों के पार्टी से अलग होने के बाद नारायणसामी नीत सरकार ने इस्तीफा दे दिया था.


क्या कहा जावड़ेकर ने


जावड़ेकर ने कहा कि मुख्यमंत्री के इस्तीफा देने के बाद किसी ने भी सरकार गठन का दावा पेश नहीं किया. इसके बाद उपराज्यपाल ने पुडुचेरी में विधानसभा भंग करने की सिफारिश की. जावड़ेकर ने बताया कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इस प्रस्ताव को मंजरी दे दी. इसके बाद राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद विधानसभा भंग हो जायेगी.


उन्होंने बताया कि पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव की तिथियों की घोषणा आने वाले दिनों में होने की उम्मीद है और इसके बाद आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू हो जाएगी.


कैसे गिरी नारायणसामी सरकार?


पुडुचेरी में विधानसभा की कुल 33 सीटें हैं. इनमें से तीन सदस्य मनोनीत होते हैं. कांग्रेस के पांच विधायकों और सहयोगी डीएमके के एक विधायक ने इस्तीफा दे दिया था. वहीं, एक विधायक को आयोग्य ठहरा दिया. ऐसे में अब विधानसभा में सदस्यों की संख्या घटकर 26 रह गई. इस स्थिति में अल्पमत में आई नारायणसामी सरकार को 14 विधायकों का समर्थन चाहिए था, लेकिन सरकार अपने नंबर पूरे नहीं कर सकी और गिर गई.


गौरतलब है कि साल 2016 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने जीत हासिल की थी. तब कांग्रेस के पास कुल 15 विधायक थे. इसके बाद कांग्रेस ने सहयोगी डीएमके के चार और एक निर्दलीय उम्मीदवार का साथ मिलने के बाद सरकार बनाई.


राज्य में विपक्ष की हालत


विपक्ष के पास अभी 14 सदस्य हैं, जिसमें सात एनआर कांग्रेस के चार एआईएडीएमके के और तीन मनोनीत सदस्य हैं, जिन्हें तत्कालीन राज्यपाल किरण बेदी ने चुना था. ऐसे में विपक्ष चाहे तो सरकार बनाने के लिए दावा पेश कर सकता है, लेकिन पहले उपराज्यपाल को विपक्ष को सरकार बनाने के लिए न्योता देना होगा.


8 जून 2021 को खत्म हो रहा विधानसभा का कार्यकाल


गौरतलब है कि पुदुचेरी का वर्तमान विधानसभा का कार्यकाल आठ जून 2021 को खत्म हो रहा है. ऐसे में चुनाव आयोग कभी भी राज्य में चुनावों की तारीखों का एलान कर सकता है. यहां विधानसभा की कुल 30 सीटें हैं और बहुमत के लिए 16 सीटें चाहिए. पुदुचेरी के अलावा इस साल पश्चिम बंगाल, केरल, असम और तमिलनाडु में भी विधानसभा के चुनाव होने हैं.


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