नई दिल्ली: धीमी शुरुआत के बाद मानसून ने रफ्तार पकड़ी है और पिछले चार दिनों में मानसून ने 10 राज्यों को कवर किया है. इन राज्यों में भारी बारिश हो रही है जो भीषण गर्मी से परेशान लोगों के लिए बड़ी राहत जैसा है. राजस्थान, बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, जम्मू-कश्मीर और महाराष्ट्र में पिछले दो दिनों से रुक-रुक कर बारिश हो रही है.


वहीं दिल्ली में दो दिनों से हल्की-हल्की हवाएं चल रही है और तापमान में गिरावट दर्ज की गई है. स्काइमेट वेदर ने देर रात कहा कि तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, केरल और कर्नाटक में भारी बारिश होगी. मुंबई की बात करें तो यहां आज और कल भारी बारिश की संभावना जताई गई है. उत्तर पूर्व के राज्यों में भी बारिश की संभावना जताई गई है.


मानसून की रफ्तार शुरुआत में धीमी रही थी. देश में बारिश का मौसम एक जून से शुरू होकर 30 सितंबर तक चलता है, लेकिन 22 जून तक मानसून में औसतन 39 प्रतिशत कमी दर्ज की गई है. मौसम विभाग के 36 उपसंभागों में से 25 प्रतिशत ने ‘कम’ वर्षा दर्ज की है जबकि छह उपसंभागों में ’‘बेहद कम बारिश’ दर्ज की गई है.


ओडिशा और लक्षद्वीप संभागों में ‘सामान्य’ वर्षा दर्ज की गई है. जम्मू-कश्मीर और पूर्वी राजस्थान में ‘ज्यादा’ बारिश दर्ज की गई है जबकि अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में ‘बहुत ज्यादा बारिश’ दर्ज की गई है.


भारत मौसम विज्ञान विभाग के चार संभाग हैं. पूर्व और उत्तर पूर्व, दक्षिणी प्रायद्वीप, मध्य भारत और उत्तर पश्चिम भारत. पूर्व एवं उत्तर पूर्व संभाग में पूर्वोत्तर के राज्य, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल आते हैं. इन सभी क्षेत्रों में कम बारिश हुई है.


मध्य भारत के 10 उपसंभागों में से सिर्फ ओडिशा में सामान्य बारिश हुई है. महाराष्ट्र के विदर्भ, मराठवाड़ा और मध्य महाराष्ट्र सहित चार उपसंभागों में ‘बेहद कम’ बारिश हुई है. इन क्षेत्रों के जलाशयों में भंडारण बिलकुल निचले स्तर पर पहुंचने के कारण यहां सूखे जैसी स्थिति है. पूर्वी मध्य प्रदेश उपसंभाग में भी ‘बेहद कम’ वर्षा दर्ज हुई है.


मध्य भारत के गुजरात, सौराष्ट्र और कच्छ उपसंभागों में भी ‘कम’ वर्षा दर्ज की गई है. हालांकि चक्रवात 'वायु' ने जरूर बारिश की कमी से कुछ राहत दिलायी है. इन दो उपसंभागों में नौ जून तक बारिश की कमी 100 प्रतिशत तक थी.


भीषण जल संकट से जूझ रहे चेन्नई, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल उप संभाग में करीब 38 फीसदी कम बारिश दर्ज हुई. हालांकि स्थिति में थोड़ा सुधार दिख रहा है. मौसम विभाग ने रविवार को कहा कि पूर्वी उत्तर प्रदेश, मध्य महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों, मराठवाड़ा और विदर्भ के अधिकतर हिस्सों में मानसून आगे बढ़ा है.