(Source: ECI/ABP News/ABP Majha)
बजट सत्र में गूंजेगा LAC के 26 पेट्रोलिंग प्वाइंट्स पर 'चीनी कब्जे' का मामला, कांग्रेस ने की चर्चा की मांग
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि भारत ने लद्दाख में एलएसी के पास 26 पेट्रोलिंग प्वॉइंट्स पर सेना गश्त नहीं कर पा रही है. इसे लेकर कांग्रेस ने बजट सत्र में चर्चा की मांग की है.
PLA Activity in Ladakh: संसद का बजट सत्र हंगामेदार होने वाला है. कांग्रेस ने लद्दाख में चीनी घुसपैठ को लेकर सरकार को घेरने की योजना बनाई है. पार्टी ने LAC के पास भारतीय क्षेत्र पर चीन के कथित कब्जे को लेकर संसद के बजट सत्र में चर्चा की मांग की है. अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस बारे में जानकारी दी.
पवन खेड़ा ने उस मीडिया रिपोर्ट का हवाला दिया जिसमें कहा गया है कि पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर स्थित 62 पेट्रोलिंग प्वॉइंट्स में से 26 पेट्रोलिंग प्वॉइंट्स पर भारत ने अपनी उपस्थिति गंवा दी है.
क्या है मामला?
मीडिया रिपोर्ट में लेह की अधिकारी के पेपर का हवाला देते हुए बताया था कि भारतीय सेना 26 पेट्रोलिंग प्वॉइंट्स पर गश्त नहीं कर रही है. लेह के एसपी ने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) और केंद्रीय पुलिस संगठनों के महानिदेशकों और महानिरीक्षकों के 57वें वार्षिक सम्मेलन में एक पेपर पढ़ा था, जिसमें कहा गया था कि कराकोरम दर्रे से चुम्मूर के बीच 65 पेट्रोलिंग प्वॉइंट्स में से 26 पर भारतीय सैन्यबलों की उपस्थिति नहीं है. सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोवाल भी शामिल हुए थे.
भारत की अखंडता दांव पर- खेड़ा
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा देश की सीमा पर हमने अपनी जमीन गंवा दी है. खेड़ा ने कहा कि "केंद्र सरकार भारत के क्षेत्रों पर चीन के अवैध कब्जे पर ध्यान नहीं दे रही है. चीन की पीपल्स लिबरेशन आर्मी सबसे ऊंची चोटियों पर अपने बेहतरीन कैमरे लगाकर बफर एरिया का फायदा उठा रही है और भारतीय सेना की गतिविधियों पर नजर रख रही है. यह अजीब स्थिति ब्लैक टॉप, चुशुल में हेलमेट टॉप पहाड़ों, डेमचोक, काकजंग, हॉट स्प्रिंग्स में गोगरा हिल्स और चिप चिप नदी के पास डेपसांग के मैदानों में देखी जा सकती है."
खेड़ा ने आगे कहा कि भारत की क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता दांव पर है और हमें इसे बनाए रखने के लिए एक साथ होकर हर संभव प्रयास करना चाहिए. इसके पहले संसद के शीतकालीन सत्र में कांग्रेस ने एलएसी पर चीनी घुसपैठ का मुद्दा जोरशोर से उठाया था.
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