Modi OBC Row: रेवंत रेड्डी का विवादित बयान, पीएम मोदी की जाति पर उठाए सवाल, भाजपा-कांग्रेस में तकरार तेज
Revanth Reddy: तेलंगाना के CM रेवंत रेड्डी के एक बयान ने राजनीतिक हलचल तेज कर दी है. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जाति को लेकर टिप्पणी की जिसे BJP ने गैर-जिम्मेदाराना और असत्य करार दिया है.

BJP vs Congress: तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जाति को लेकर एक विवादास्पद बयान दिया है जिससे राजनीतिक माहौल गर्मा गया है. उन्होंने कहा कि पीएम मोदी जन्म से पिछड़ा वर्ग (OBC) से नहीं थे बल्कि गुजरात के मुख्यमंत्री बनने से पहले उनकी जाति सवर्ण थी. रेड्डी ने ये बयान भाजपा की ओर से तेलंगाना में जाति सर्वे पर उठाए गए सवालों के जवाब में दिया.
रेवंत रेड्डी के इस बयान पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी ने इसे असामाजिक और गैर जिम्मेदाराना बताते हुए कहा कि सीएम को तथ्यों के आधार पर बयान देना चाहिए. उन्होंने कहा "रेवंत रेड्डी इतने गैर-जिम्मेदार तरीके से कैसे बोल सकते हैं? उनके बयान की कोई ऐतिहासिक और कानूनी पुष्टि नहीं है."
BJP ने पिछड़े वर्गों के लिए मोदी सरकार की उपलब्धियां गिनाईं
भाजपा नेताओं ने ये भी कहा कि पीएम मोदी ने पिछड़े वर्गों के लिए कई अहम कदम उठाए हैं. उन्होंने याद दिलाया कि मोदी सरकार के कार्यकाल में ही पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा दिया गया था जो कांग्रेस सरकार के दौरान नहीं हुआ था. भाजपा नेता एन. रामचंद्र राव ने रेवंत रेड्डी के बयान को कांग्रेस सरकार के जाति सर्वे की विफलता से ध्यान भटकाने की साजिश बताया.
कांग्रेस पर भाजपा का पलटवार
भाजपा के ओबीसी मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के लक्ष्मण ने रेड्डी के बयान को झूठा बताते हुए कहा कि मोदी की जाति को 1994 में कांग्रेस सरकार के दौरान ओबीसी लिस्ट में जोड़ा गया था. केंद्रीय मंत्री बंदी संजय ने भी कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा "रेवंत रेड्डी को इतिहास की जानकारी नहीं है. पीएम मोदी को 1994 में कांग्रेस शासन में ही ओबीसी सूची में शामिल किया गया था."
राहुल गांधी पर भी उठाए सवाल
भाजपा नेताओं ने इस मुद्दे को कांग्रेस पर पलटवार का जरिया बनाते हुए राहुल गांधी की जाति और धर्म पर भी सवाल उठाए. बंदी संजय ने कहा "अब कांग्रेस को बताना चाहिए कि राहुल गांधी की जाति क्या है? उनका धर्म क्या है? अगर जाति को लेकर बहस छेड़नी है तो कांग्रेस को अपने ही नेताओं से शुरुआत करनी चाहिए."
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