'पाकिस्तान में जाकर पूछेंगे कि शिवेसना किसकी तो...', संजय राउत ने चुनाव आयोग पर साधा निशाना
Sanjay Raut on BJP: शिवसेना में हुई बगावत के बाद पार्टी दो धड़ों में टूट चुकी है. एक धड़ा शिवसेना (यूबीटी) है, जबकि दूसरे को बालासाहेब की शिवसेना के तौर पर जाना जाता है.
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Sanjay Raut News: शिवसेना (यूबीटी) के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने एक बार फिर से चुनाव आयोग और बीजेपी पर निशाना साधा है. राउत ने शिवेसना के टूटने और फिर पार्टी के निशान के हुए बंटवारे को लेकर चुनाव आयोग के साथ-साथ बीजेपी पर हमला बोला है. उन्होंने कहा है कि अगर आप पाकिस्तान में जाकर भी किसी से पूछेंगे कि शिवसेना किसकी है, तो लोग बोलेंगे की बाला साहेब ठाकरे की. मगर चुनाव आयोग को ये बात मालूम नहीं है.
राउत ने कहा कि चुनाव आयोग को अब भरोसा नहीं है. वह केंद्र सरकार की तोता हो गई है. उन्होंने बीजेपी पर हमला बोलते हुए कहा कि बीजेपी स्वार्थी पार्टी हो गई है. बीजेपी चीन और मणिपुर पर बात नहीं करती है, मगर सिर्फ सेल्फी लेती रहती है. पांच राज्यों में हो रहे विधानसभा चुनाव को लेकर राउत ने कहा कि बीजेपी को इन चुनावों में पांचों ही राज्यों में हार का मुंह देखना पड़ेगा. राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के बंटवारे पर बात करते हुए कहा कि ये शरद पवार की पार्टी है.
फरवरी में मिला था दोनों धड़ों को अलग चुनाव चिह्न
दरअसल, पिछले साल शिवसेना में बगावत हुई, जिसके बाद पार्टी दो धड़ों में बंट गई. इसमें से एक धड़ा उद्धव ठाकरे के साथ था, जबकि दूसरा एकनाथ शिंदे के साथ. इसके बाद पार्टी पर अधिकार का मामला चुनाव आयोग गया. जहां इस साल फरवरी में चुनाव आयोग ने पार्टी का नाम 'शिवसेना' और पार्टी का चुनावी चिह्न 'तीर-कमान' एकनाथ शिंदे गुट को दिया. अब इस गुट को 'बाला साहेब की शिवसेना' के तौर पर जाना जाता है.
वहीं, उद्धव ठाकरे वाले गुट को 'शिवसेना (यूबीटी)' के तौर पर जाना जाता है. इस पार्टी का निशान जलती हुई मशाल है. चुनाव आयोग ने कहा था कि शिंदु गुट को 2019 विधानसभा चुनाव में जीतकर आए उन विधायकों का समर्थन है, जिनके पास चुनाव में पार्टी के कुल वोट शेयर का 76 फीसदी है. उद्धव गुट को समर्थन करने वाले विधायक का वोट शेयर 24 फीसदी था. शिवसेना में हुई फूट की वजह से महाराष्ट्र में चल रही महाविकास अघाड़ी गठबंधन वाली सरकार भी गिर गई थी.
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